E85 लॉन्च की तैयारी, जानिए किन वाहनों में होगा इस्तेमाल
Preparations for E85 Launch: Know Which Vehicles Will Use It
दिल्ली/प्रतिनिधि : केंद्र सरकार देश में वैकल्पिक और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि सरकार जल्द ही E85 ईंधन को बाजार में उतारने की योजना पर काम कर रही है। यह ईंधन वर्तमान में उपलब्ध E20 पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर लगभग 20 रुपये तक सस्ता हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि E85 ईंधन का उपयोग केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकेगा, जिन्हें विशेष रूप से इस प्रकार के ईंधन के अनुरूप तैयार किया गया है। ऐसे वाहनों को आमतौर पर फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (Flex Fuel Vehicles) कहा जाता है। इसलिए मौजूदा सभी पेट्रोल वाहनों में E85 का इस्तेमाल संभव नहीं होगा।
इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को भी नई गति देने का उद्देश्य – पेट्रोलियम मंत्री
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सस्ता ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को भी नई गति देना है। भारत लंबे समय से पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो और किसानों को भी अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सके।
वैज्ञानिक परीक्षणों और निर्धारित मानकों के आधार पर ईंधनों को बढ़ावा
हरदीप सिंह पुरी ने बायोफ्यूल नीति का समर्थन करते हुए उन आशंकाओं को भी खारिज किया, जिनमें कहा जाता है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से इंजन खराब हो सकता है या वाहन के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां वैज्ञानिक परीक्षणों और निर्धारित मानकों के आधार पर ही ऐसे ईंधनों को बढ़ावा दे रही हैं।
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E85 ईंधन से देश की ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत – विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि E85 ईंधन व्यापक स्तर पर उपलब्ध होता है और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का उत्पादन बढ़ता है, तो इससे ईंधन की लागत में कमी आएगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। हालांकि, इसके सफल क्रियान्वयन के लिए ईंधन वितरण नेटवर्क, वाहन निर्माण और उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी होगा।
सरकार की यह पहल भारत को स्वच्छ, किफायती और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में E85 ईंधन की लॉन्चिंग और उससे जुड़ी विस्तृत नीति पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।



