‘ज्ञानोबा माऊली’ के जयघोष में ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी का प्रस्थान
Departure of Dnyaneshwar Maharaj’s Palkhi amidst chants of "Dnyanoba Mauli"
नवी मुंबई /सान्वी देशपांडे : आषाढ़ी वारी के पावन अवसर पर संत ज्ञानेश्वर माउली की पालकी पारंपरिक ताल-मृदंग की मधुर धुन और “ज्ञानोबा माउली” के जयघोष के बीच आळंदी से पंढरपुर के लिए रवाना हुई। पालकी प्रस्थान के समय पूरी अलंकापुरी भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगी नजर आई। हजारों वारकरी पारंपरिक वेशभूषा में भजन-कीर्तन करते हुए पालकी यात्रा में शामिल हुए।

पूजा-अर्चना के बाद संत ज्ञानेश्वर माउली की पालकी का प्रस्थान
पालकी प्रस्थान से पहले आळंदी स्थित संत ज्ञानेश्वर महाराज की संजीवन समाधि मंदिर में पादुकाओं का विधिवत पूजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद संत ज्ञानेश्वर माउली की पालकी विधिवत पंढरपुर की ओर रवाना हुई।अजोलघर में रात्रि विश्राम के बाद संत ज्ञानेश्वर माउली की पालकी आज पुणे शहर में प्रवेश करेगी।
संत तुकाराम महाराज की पालकी पिंपरी-चिंचवड़ में
दूसरी ओर, जगतगुरु संत तुकाराम महाराज की पालकी पिंपरी-चिंचवड़ में विश्राम के बाद आज पुणे पहुंचेगी। दोनों संतों की पालकियों के पुणे आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
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पालकी समारोह के स्वागत के लिए व्यापक तैयारि
पुणे जिला प्रशासन और पुणे महानगरपालिका ने पालकी समारोह के स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। वारकरियों के लिए स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, मोबाइल स्वास्थ्य केंद्र, स्वच्छता व्यवस्था, अस्थायी शौचालय और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुणे शहर के यातायात व्यवस्था में बदलाव
पालकी यात्रा को देखते हुए पुणे शहर में यातायात व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने पुराने पुणे-मुंबई हाईवे और आलंदी रोड को अस्थायी रूप से बंद कर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।



