Trending

Saahil Chaugule Case : चिल्ड्रेन बैंक करेंसी के साथ कुलदीप-धृति गिरफ्तार

Illustration for a news report about an alleged false rape case, highlighting a complaint by Sahil Chougule, the arrest of Kuldeep with children bank currency, police investigation, and legal proceedings

नवी मुंबईःशिवसेना के स्वीकृत नगरसेवक साहिल देविदास चौगुले के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराकर 30 लाख की रकम मांगने वाले कुलदीप देवमाने और उसकी महिला साथी धृति त्रिपाठी को रबाले पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. घटना 29 जून की रात 10 बजे के करीब की है जब पुलिस ने कुलदीप माने को 47 हजार की रकम और चिल्ड्रेन बैंक के 500 नोटों के 47 बंडल के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया. यह मामला 4 जून को दर्ज एक यौन शोषण मामले में दर्ज 427 नंबर के एफआईआर से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि इसी केस को वापस लेने की एवज में कुलदीप माने एवं कथित पीड़ित महिला ने 30 लाख की यह रकम मांगे थे. इसके खिलाफ  साहिल चौगुले की शिकायत की जिसके बाद रबाले पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को दबोच लिया. रबाले पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(2) एवं 3(5) के अंतर्गत जबरन वसूली और षडयंत्र का मामला दर्ज करते हुए जांच तेज कर दी है.

http://Saahil_Chaugule_Case : चिल्ड्रेन बैंक करेंसी में फंसा कुलदीप, महिला साथी संग गिरफ्तार

पैसों के लिए झूठा रेप केस दर्ज कराना पड़ा भारी

आपको बता दें कि यह मामला 4 जून को उस वक्त सुर्खियों में आया था जब कथित तौर पर पीड़ित इस महिला ने स्वीकृत नगरसेवक साहिल देविदास चौगुले के खिलाफ यौन शोषण का संगीन आरोप लगाते हुए एफआईआर 0427/2026 दर्ज कराया था. फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और नगरसेवक साहिल चौगुले जमानत पर हैं. लेकिन इस बीच 30 लाख की जबरन वसूली मामले में उक्त महिला और उसके साथी कुलदीप देवमाने की गिरफ्तारी ने सनसनी फैला दी है. नवी मुंबई में राजनीतिक व्यक्तियों एवं रसूखदार लोगों के खिलाफ यौन शोषण के मामले नए नहीं हैं. बीते 10 वर्षों में दर्जनों केस सामने आ चुके हैं. लीगल एक्सपर्ट की मानें तो इनमें से अधिकांश मामले एक्सटार्शन या जबरन वसूली की भेंट चढ़ जाते हैं. कुलदीप देवमाने और उसकी महिला साथी द्वारा झूठा एफआईआर दर्ज कराकर लाखों की वसूली का यह कारनामा अगर सच है तो यह बेहद गंभीर और शर्मशार करने वाली घटना है. क्योंकि पैसों की लालच में केस दर्ज कराने वाले ऐसे चंद लोगों के कारण हकीकत में पीड़ित महिलाओं की आवाज को भी झूठा मान लिया जाता है. टीवी वन इंडिया किसी केस या पक्ष का सत्यापन या समर्थन नहीं करता. हमारा मानना है कि ऐसे संगीन आरोपों का सच बाहन आना चाहिए और यदि कोई पीड़ित है, या उसके साथ अन्याय हुआ है तो, उसे हर हाल में न्याय मिलना चाहिए.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker