कोंकण की विरासत बचाने को IITM संग हुआ MoU
MoU Signed with IITM to Preserve Konkan's Heritage
मुंबई/प्रतिनिधि : कोंकण क्षेत्र में प्राप्त ऐतिहासिक मिट्टी के बर्तनों और प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों के वैज्ञानिक संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से राज्य पुरातत्व निदेशालय और चेन्नई स्थित IITM फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री आशीष शेलार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में अब तक लगभग 2,000 प्राचीन मिट्टी के बर्तन और पुरातात्विक अवशेष खोजे जा चुके हैं। इनमें से नौ स्थलों को UNESCO की टेंटेटिव सूची में भी शामिल किया गया है। इस समझौते के तहत प्राचीन अवशेषों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन, वैज्ञानिक अध्ययन और संरक्षण कार्य आधुनिक तकनीक की मदद से किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल कोंकण की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



