युवाओं में घटती पढ़ने की आदत पर चिंता
Concern Over Declining Reading Habits Among Youth: Vice President
दिल्ली/प्रतिनिधी : नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने युवाओं में घटती पढ़ने की आदत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो समाज किताबें पढ़ना छोड़ देता है, वह धीरे-धीरे अपनी आलोचनात्मक सोचने की क्षमता खो देता है। उपराष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति भवन में पी.पी. सत्यन द्वारा लिखित पुस्तक ‘द लाइब्रेरी मैन ऑफ इंडिया: द स्टोरी ऑफ पी.एन. पणिक्कर’ का विमोचन किया।
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इस अवसर पर उन्होंने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों का उल्लेख करते हुए युवाओं में पठन-पाठन की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पी.एन. पणिक्कर का मानना था कि ज्ञान केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और मानवता की सेवा का माध्यम बनना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने सरकार की विभिन्न ज्ञानवर्धक पहलों की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकालयों को आधुनिक और गतिशील ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।



