Maharashtra: ‘मिसिंग लिंक’ बनेगा विकास की रफ्तार
Maharashtra to Serve as the ‘Missing Link’ Accelerating the Pace of Development
रायगड/प्रतिनिधी : मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बहुप्रतीक्षित “मिसिंग लिंक” प्रोजेक्ट का काम अब पूरी तरह पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने घोषणा की कि इस परियोजना को अब “मिसिंग लिंक” नहीं बल्कि “कनेक्टिंग लिंक” कहा जाएगा, क्योंकि इसका पूरा मार्ग अब सफलतापूर्वक जुड़ चुका है। डिप्टी मुख्यमंत्री Eknath Shinde और डिप्टी मुख्यमंत्री Sunetra Pawar के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नए रूट से खोपोली एग्जिट से सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट तक की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे यात्रियों का करीब 30 मिनट समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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करीब 7,181 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट बिना किसी कर्ज के “सेल्फ-फाइनेंस” मॉडल पर तैयार किया गया है। परियोजना में सात देशों की आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इस रूट पर अत्याधुनिक वॉटर मिस्ट फायरफाइटिंग सिस्टम, हर 50 मीटर पर इमरजेंसी फोन और टनलों के बीच 300 मीटर पर क्रॉस कनेक्टर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य की अर्थव्यवस्था को करीब 70 हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा। वहीं, एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि खंडाला घाट का ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड की समस्या अब स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी।


