नए इनकम टैक्स एक्ट पर जागरूकता कार्यक्रम
Outreach Programme on the Income Tax Act, 2025 in Navi Mumbai
सुधीर शर्मा/ प्रतिनिधिः केंद्रीय प्रत्यक्ष कर विभाग ने आयकर कानून 1961 में बदलाव करते हुए नया आयकर कानून 2025 लागू किया है. नए कानून के जरिए मौजूदा कर प्रणाली की खामियों और मुश्किलों को दूर करते हुए कराधान प्रणाली को सरल बनाया गया है. आयकर विभाग, मुंबई ने आज 21 अप्रैल 2026 को नवी मुंबई में आयकर अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए कानून के तहत देशव्यापी पहल का हिस्सा था। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों—करदाता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यापार संगठनों और विभिन्न व्यावसायिक समुदायों के 250 से अधिक लोगों ने भाग लिया। यहां प्रमुख वक्ता के रूप में मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. विक्रम सहाय ने कहा कि नया आयकर अधिनियम करदाताओं के लिए बेहद लाभकारी है। यह कानून सरलीकृत, तर्कसंगत और उपयोगकर्ता के अनुकूल है, जिससे अनुपालन की लागत कम होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून आधुनिक और सुव्यवस्थित है, जिससे करदाताओं को अपने कर दायित्वों का निर्वहन करने में सुविधा होगी और राष्ट्र निर्माण में योगदान आसान होगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान आयकर आयुक्त डॉ. माया महेश्वरी के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद नए अधिनियम पर प्रस्तुति सुश्री शिल्पा खानिकार और श्री मानस साहू (ACIT) द्वारा दी गई।
नया कानून सरलीकृत, अनुपालन में कम होगा खर्च
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नया आयकर अधिनियम करदाताओं के लिए बेहद लाभकारी है। यह कानून सरलीकृत, तर्कसंगत और उपयोगकर्ता के अनुकूल है, जिससे अनुपालन की लागत कम होगी। उन्होंने दावा किया कि नया कर कानून आधुनिक और सुव्यवस्थित है, जिससे करदाताओं को अपने कर दायित्वों का निर्वहन करने में सुविधा होगी और राष्ट्र निर्माण में योगदान आसान होगा। -डॉ. विक्रम सहाय- मुख्य आयकर आयुक्त मुंबई
मुंबई के उपनगरों में चलाए जाएंगे आउटरीच कार्यक्रम
इस अवसर पर WIRC (ICAI) की नवी मुंबई शाखा के संस्थापक अध्यक्ष ई.ए. पाटिल, CREDAI-BANM के उपाध्यक्ष चिराग शाह और GROMA के अध्यक्ष बी. भानुशाली भी उपस्थित रहे। दो घंटे के इस सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नए आयकर अधिनियम के तहत कर भुगतान और रिटर्न फाइलिंग से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। कार्यक्रम को प्रतिभागियों से उत्साहजनक और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। आयकर विभाग, मुंबई आने वाले महीनों में मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि करदाताओं और उनके प्रतिनिधियों को नए कानून के तहत उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जा सके।



