
Navi Mumbai: SRA प्लान पर उठे गंभीर सवाल
Serious Questions Raised Over SRA Plan in Navi Mumbai
नवी मुंबई/तुषार पाटील : नवी मुंबई में MIDC द्वारा ठाणे-बेलापुर इंडस्ट्रियल एरिया में झुग्गी पुनर्वास के लिए तैयार की गई तीन-पॉकेट (TCC) योजना विवादों में घिर गई है। इस योजना के तहत SRA प्रोजेक्ट लागू करने की बात कही गई है, लेकिन पॉकेट डिजाइन को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराज़गी है।
योजना के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों की झुग्गियों को एक ही पॉकेट में शामिल किया गया है, जबकि कुछ मामलों में 17 से 18 किलोमीटर दूर स्थित बस्तियों को भी एक साथ जोड़ा गया है। इससे पुनर्वास की प्रक्रिया जटिल और अव्यवस्थित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह “काम के बजाय भ्रम पैदा करने वाली योजना” है।
पूर्व मेयर सुधाकर सोनवणे ने इस डिज़ाइन को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि यह योजना किसी विशेष लाभ के लिए बनाई गई प्रतीत होती है। उन्होंने मांग की कि सरकार को नवी मुंबई की सभी एजेंसियों—MIDC, CIDCO और नगर निगम—की जमीनों पर हुए अतिक्रमण को ध्यान में रखकर संशोधित नीति लानी चाहिए।
ट्रांजिट कैंप की अनुपलब्धता भी एक बड़ी चिंता है। शहर में अब तक कोई स्पष्ट स्थान तय नहीं किया गया है, जबकि 38,800 पात्र झुग्गियों के पुनर्वास के लिए अस्थायी व्यवस्था आवश्यक है। वहीं, 28,527 झुग्गियों का भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। इस पूरी योजना ने पुनर्वास से ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं।



