
Bharat Bhoir का रद्द होगा नगरसेवक पद, कोर्ट ने भेजा नोटिस
“Bharat Bhoir’s Corporator Post May Be Cancelled, Court Issues Notice.”
सुधीर शर्मा-प्रतिनिधिः नवी मुंबई के प्रभाग 14-डी से निर्दलीय चुनाव जीते नगरसेवक भरत भोईर की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. आज बेलापुर कोर्ट ने भरत भोईर के खिलाफ दाखिल इलेक्शन पेटिशन पर बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने 8 अप्रैल तक भरत भोईर को बतौर नगरसेवक मनपा की कार्यवाहियों में हिस्सा लेने, एवं अपने अधिकार का प्रयोग करने पर रोक लगा दी है. अदालत ने महानगर पालिका और भरत भोईर को इसके लिए शोकॉज नोटिस जारी कर यह निर्देश दिया है. 25 मार्च को जारी शोकाज नोटिस के बाद नवी मुंबई की राजनीति में बवाल मच गया है. भोईर 14 गांव के रहिवासी हैं और शिवसेना से टिकट नहीं मिलने के कारण बगावत करते हुए उन्हें शिवसेना प्रत्याशी महेश कुलकर्णी के खिलाफ चुनाव लड़ा था.
3 बच्चों के नियम से बढ़ी मुश्किलें
यह इलेक्शन पेटिशन शिवसेना नगरसेविका सविता देविदास लगाड़े ने दाखिल किया है और दावा किया है कि नगरसेवक भरत भोईर के 3 बच्चे हैं. प्रांतिक अधिनियम के तहत मई 2001 के बाद 3 बच्चों के पिता नगरसेवक चुनाव नहीं लड़ सकते. बताया गया है कि भरत भोईर ने जिन बच्चों का दस्तावेज जमा किया है उसके मुताबिक उनके आखिरी बच्चे का जन्म वर्ष 2002 का उल्लिखित है. जो प्रतिबंधित नियम लागू होने के बाद का है. याचिका में भरत भोईर द्वारा बच्चों का बोगस बर्थ सर्टिफिकेट जमाकर चुनाव लड़ने का भी आरोप लगाया गया है और उनका नगरसेवक पद रद्द करने की मांग की गयी है. ध्यान देने वाली बात ये है कि भरत भोईर फिलहाल बीजेपी के साथ हैं. उन्होंने 14 गांव वाले प्रभाग 14 डी से अपक्ष चुनाव लड़ा था और शिवसेना प्रत्याशी महेश सुरेश कुलकर्णी को हराकर यह इलेक्शन जीता था.
8 अप्रैल को तारीख, महासभा में शामिल होने पर रोक
फिलहाल कोर्ट ने महानगर पालिका को शोकाज नोटिस देकर जहां भरत भोईर को कार्यवाहियों में शामिल नहीं करने का निर्देश दिया है वहीं नगरसेवक भरत भोईर को अपने तीनों बच्चों का ओरिजिनल बर्थ सर्टिफिकेट सुनवाई के दिन जमा कराने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को है.



