Election Commission: 27 साल बाद चुनाव आयोग की राष्ट्रीय बैठक
Election Commission's National Meeting After 27 Years

दिल्ली/प्रतिनिधि : नई दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग और देशभर के राज्य चुनाव आयुक्तों की नेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से नेशनल डिक्लेरेशन-2026 को अपनाया गया। घोषणा में कहा गया कि साफ-सुथरी और सटीक मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया से लोकतंत्र मजबूत होता है।
कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय व संवैधानिक हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य चुनाव आयोगों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए साझा मैकेनिज्म और कानूनी ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें ECINet, EVM, मतदाता सूची और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट ऑफ इंडिया की विश्वस्तरीय सुविधाओं का साझा उपयोग शामिल है।साथ ही पंचायत और नगर निकाय चुनाव कानूनों को संसद और विधानसभा चुनाव कानूनों के अनुरूप बनाने पर मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया। हर साल ऐसी कॉन्फ्रेंस आयोजित करने और तीन महीने में राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों पर रिपोर्ट देने पर सहमति बनी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पात्र मतदाताओं को जोड़ने और अपात्र नाम हटाने के लिए विशेष पुनरीक्षण अभियान 12 राज्यों में चल रहा है। यह सम्मेलन 27 साल बाद आयोजित हुआ, पिछली बार 1999 में हुआ था।



