
Sant Samagam: सेवा और श्रद्धा का महासंगम
59th Nirankari Sant Samagam in Sangli: A Grand Confluence of Service and Devotion
सांगली/प्रतिनिधि: सांगली में आयोजित महाराष्ट्र का 59वां निरंकारी संत समागम श्रद्धा, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम बनकर उभरा है। इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सतगुरु के दिव्य दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एकत्रित हुए हैं। समागम की एक विशेष झलक यह रही कि विदेशों से आए डॉक्टरों की एक टीम निस्वार्थ भाव से भक्तों की कायरोप्रैक्टिक ट्रीटमेंट के माध्यम से सेवा कर रही है। इस उपचार में एक्सरसाइज द्वारा जोड़ों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं में राहत दी जा रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उठा रहे हैं।
कार्यक्रम स्थल पर लगी विशाल “निरंकारी प्रदर्शनी” भी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस वर्ष प्रदर्शनी “सेल्फ़-इंट्रोस्पेक्शन” थीम पर आधारित है, जो आत्म-मंथन, आत्म-बोध और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। प्रदर्शनी को तीन मुख्य सेक्शन में विभाजित किया गया है—पहले में मिशन का इतिहास और वैश्विक सेवा कार्य, दूसरे में बच्चों के लिए शैक्षणिक-मनोरंजक मॉडल, और तीसरे में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी गई है। अब तक लगभग पाँच लाख श्रद्धालु प्रदर्शनी का अवलोकन कर चुके हैं।
सत्संग को संबोधित करते हुए सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि “इंसानी शरीर मिलना ही इंसान होने का प्रमाण नहीं, बल्कि इंसानी गुणों को अपनाना ही सच्ची इंसानियत है।” यह संत समागम सांगली-ईश्वरपुर रोड स्थित सांगलवाड़ी मैदान में भक्ति और सेवा की मिसाल पेश कर रहा है।



