127 साल बाद लौटी बुद्ध की अमूल्य धरोहर
Buddha's invaluable relics return after 127 years

विशेष;प्रतिनिधि: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बुद्ध द्वारा दिखाया गया मार्ग और उनका ज्ञान पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष केवल ऐतिहासिक कलाकृतियां नहीं, बल्कि भारत की पूजनीय और जीवंत विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पिपरहवा के पवित्र अवशेषों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी “प्रकाश और कमल: प्रबुद्ध व्यक्ति के अवशेष” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सदी से अधिक समय बाद देश की अमूल्य विरासत वापस लौटी है और अब देशवासी भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत न केवल बुद्ध के अवशेषों का संरक्षक है, बल्कि बौद्ध परंपरा का जीवंत वाहक भी है।
प्रधानमंत्री ने बौद्ध स्थलों के आधुनिकीकरण और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की बात कही तथा पाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।



