
शुरू हुआ सारंगखेडा का ऐतिहासिक घोड़ों बाजार
Sarangkheda's historic horse market begins
नंदुरबार/ दिनु गावित : दत्त जयंती के अवसर पर नंदुरबार ज़िले के प्रसिद्ध सारंगखेडा के एकमुखी दत्त मंदिर में आज भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से आए भक्तों की भीड़ सुबह से ही मंदिर परिसर में उमड़ने लगी, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल पसर गया।
सारंगखेडा का दत्त मंदिर तीनों राज्यों के भक्तों का प्रमुख श्रद्धास्थान माना जाता है। हर वर्ष दत्त जयंती के मौके पर यहां भव्य यात्रोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस पारंपरिक उत्सव में दूर-दूर से आए लोग शामिल होते हैं और मंदिर परिसर तथा आसपास के इलाके में रौनक बढ़ जाती है।
यात्रोत्सव की खास बात यहां लगने वाला घोड़ों का ऐतिहासिक बाजार है, जो वर्षों से इस क्षेत्र की पहचान बना हुआ है। इसके साथ ही कृषि उपकरण, गृहोपयोगी वस्तुएं और ग्रामीण हस्तकला उत्पादों का बड़ा बाजार भी सजता है, जहां स्थानीय व्यापारियों और किसानों की अच्छी खासी चहल-पहल रहती है।
घोड़ों के बाजार को बढ़ावा देने और पारंपरिक घोड़े पालन संस्कृति को जीवित रखने के लिए पिछले कुछ वर्षों से यहां चेतक उत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसे ग्रामीणों और पर्यटकों से शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। दत्त जयंती के इस पावन अवसर ने एक बार फिर सारंगखेडा को भक्तिभाव और उत्साह से सराबोर कर दिया है।



