अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा PMO
PMO to be known as 'Seva Teerth'

दिल्ली; प्रतिनिधि: देश के प्रशासनिक ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलने का निर्णय लिया है। अब यह कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में “सेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही” के नए मूल्यों को स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आगामी वर्ष से लागू होने वाले इस नए नाम का उद्देश्य यह संदेश देना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय केवल शासन का केंद्र नहीं, बल्कि जनता की सेवा और समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित स्थान है। नाम परिवर्तन के बाद भी PMO के कार्य और अधिकार पूर्ववत रहेंगे, लेकिन इसके संचालन में “पब्लिक-फर्स्ट एप्रोच” को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘सेवा तीर्थ’ के तहत एक नई शिकायत निवारण प्रणाली, डिजिटल सेवा पोर्टल और जनसहभागिता कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समाधान अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो सके।विपक्ष ने इस कदम को “राजनीतिक ब्रांडिंग” बताया है, जबकि समर्थकों का मानना है कि इससे जनता और सरकार के बीच भरोसा और सहभागिता बढ़ेगी। नए नाम के साथ PMO की भूमिका को जनता की सेवा के केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।



