
Hong Kong; में आग का कहर : 44 मौतें, 279 लापता
Hong Kong Fire: 44 Dead, 279 Missing
हांगकांग के ताई पो जिले में बुधवार दोपहर एक रिहायशी अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 279 निवासी अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। यह हादसा हांगकांग के इतिहास की सबसे भयावह आग की घटनाओं में से एक बन गया है।
कैसे लगी आग?
स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 2:50 बजे Wang Fuk Court नामक 32-मंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक में आग भड़की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के बाहरी हिस्से में लगी बांस की स्कैफोल्डिंग और ज्वलनशील क्लैडिंग मटीरियल ने आग को बहुत तेजी से फैलाया। आग कुछ ही मिनटों में इमारत की कई मंज़िलों तक पहुँच गई, जिससे निवासी अपने फ्लैटों में फंस गए।
धुआं, लपटें और चीखें
आग लगने के बाद इमारत से घना धुआँ उठने लगा। कई लोगों ने बालकनी और खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन लपटों और धुएँ के कारण निकल पाना मुश्किल था। दमकल विभाग ने बड़ी मशक्कत के बाद कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन कई मंज़िलों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा
राहत दलों के अनुसार, भारी धुएँ और गर्मी के कारण कई लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल सके। कई शव इमारत के अंदर से बरामद किए गए। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
279 लोग अभी भी लापता
अधिकारियों ने बताया कि आग के बाद 279 निवासी लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं, लेकिन मलबे और जले हुए हिस्सों के कारण काम में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की संख्या आगे और भी बढ़ सकती है।
तीन लोग गिरफ्तार
जांच में सामने आया है कि नवीनीकरण कार्य के दौरान इमारत की दीवारों पर ज्वलनशील प्लास्टिक/स्टायरोफोम मटीरियल लगाया गया था। इसी लापरवाही को गंभीर माना जा रहा है। पुलिस ने निर्माण/रिपेयरिंग कंपनियों से जुड़े तीन लोगों को मैनस्लॉटर (गंभीर लापरवाही से मौत) के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पीड़ितों के लिए राहत शिविर
जिन परिवारों के घर जलकर खाक हो गए हैं, उन्हें पास के स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में शरण दी गई है। कई परिवारों ने अपनी आंखों के सामने अपना सब कुछ खो दिया। प्रशासन ने भोजन, पानी और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई है।
दुनिया भर से शोक प्रकट
हांगकांग की इस त्रासदी पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर संवेदनाएँ और सवाल दोनों उठ रहे हैं।
सुरक्षा मानकों पर फिर सवाल
इमारत में लगे ज्वलनशील मटीरियल, पुराने अग्नि-सुरक्षा सिस्टम और निरीक्षण की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन होता, तो यह भीषण त्रासदी टल सकती थी।



