
Airport Naming : एयरपोर्ट पर दिबा का नाम लो, पुनर्वसन भूल जाओ-समिति की नीयत पर नाराजगी
Take Diba's name at the airport, forget about rehabilitation-BIG ANGER
नवी मुंबई-सुधीर शर्मा/ नवी मुंबई एय़रपोर्ट उद्धाटन के बाद प्रधानमंत्री दिल्ली चले गए लेकिन अपने पीछे छोड़ गए नवी मुंबई के प्रकल्पग्रस्तों के लिए ढेर सारे सवाल..यह सवाल 26 अक्टूबर को वाशी में आयोजित लोकनेता दिबा पाटिल एयरपोर्ट नामांतरण समिति की बैठक में मुखरता से उठाए गए. कई प्रकल्पग्रस्त संगठनों के प्रतिनिधियों ने समिति नेताओं से पूछा कि क्या वे बता सकते हैं कि एयरपोर्ट पर दिबा पाटिल का नाम कब लगेगा. और सरकार वर्षों से लंबित प्रकल्पग्रस्तों के पुनर्वसन का मुद्दा कब हल करेगी. इस बैठक में पूर्व सांसद बीजेपी नेता रामशेठ ठाकुर, नामांतरण समिति के अध्यक्ष दशरथ पाटिल, दशरथ भगत, आगरी कोली यूथ फाउंडेशन के अध्यक्ष निलेश पाटिल समेत, तमाम संगठनों के नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहे. इस अवसर पर नवी मुंबई एयरपोर्ट पर दिबा पाटिल का नाम देने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए संगठन प्रतिनिधियों ने फिर से आक्रामक आंदोलन करने और मोर्चा निकालने पर जोर दिया. सुझाव दिया गया कि जब तक प्रकल्पग्रस्त दोबारा अपनी ताकत नहीं दिखाएंगे तब तक मोदी सरकार नहीं जागेगी. हालांकि इस पर नामांतरण समिति के नेताओं ने आक्षेप लेते हुए फिलहाल कोई भी आंदोलन करने से मना कर दिया.
मुख्यमंत्री पर विश्वास करो, कैबिनेट में होगी चर्चा
इस बैठक में बीजेपी नेता रामशेठ ठाकुर एवं समिति के अध्यक्ष दशरथ पाटिल ने प्रश्न पूछने वाले प्रकल्पग्रस्तों को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एयरपोर्ट पर नाम दिलाने का जो वादा किया है वह पूरा करेंगे इसलिए फिलहाल डेडलाइन तक उनपर विश्वास करना चाहिए, और आंदोलन मोर्चा से बचना चाहिए. वहीं कुछ प्रकल्पग्रस्तों ने पूछा कि अगर एयरपोर्ट पर दिबा पाटिल का नाम तय है तो फिर पुनर्वसन मुद्दे का हल क्या होगा, प्रकल्पग्रस्तों को एयरपोर्ट उपक्रमों में काम कैसे मिलेगा. इस पर समिति के नेताओं ने तुरंत जवाब दिया कि यदि एय़रपोर्ट पर लोकनेता दिबा पाटिल का नाम चाहते तो अभी सिर्फ नाम की बात करो, काम की बात नहीं.नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने अगली कैबिनेट में दिबा पाटिल के नाम पर चर्चा करने का भरोसा दिलाया है, जिसके बाद मामला हल हो जाएगा.
सच ये है कि बीजेपी प्रकल्पग्रस्तों औऱ नवी मुंबईकरों को उलझा रहे हैं ताकि चुनाव तक नामांतरण का मुद्दा शांत बना रहे, ताकि बीजेपी को भरोसे का वोट हासिल हो सके. लेकिन इसे छलावा माना जा रहा है.प्रकल्पग्रस्तों को उलझा रहे नेता-राजाराम पाटिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवी मुंबई एय़रपोर्ट का उद्धाटन करने आए , और चले गए लेकिन एक शब्द भी उन्होंने दिबा पाटिल एयरपोर्ट नामांतरण पर नहीं बोला. इस पर सवाल उठे तो बीजेपी और समिति के नेताओं ने कहा कि सरकार ने दोनों सदनों से प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया है इसलिए नाम देना अटल है. लेकिन अब यही नेता नई कैबिनेट में मुद्दा उठाने की बात कर रहे हैं. एक्सपर्ट की मानें तो यह सब महानगर पालिका चुनावों के लिए बीजेपी की बड़ी रणनीति का हिस्सा है. वाशी की मीटिंग भी इसी लिए कराई गयी,और सीएम के हवाले से फिर भरोसा दिलाकर असली बात टाल दी गयी. प्रकल्पग्रस्त नेता राजाराम पाटिल का कहना है कि पहले भी जवाब यही था, आज भी जवाब यही है. ऐसा लगता है कि बीजेपी और समिति के नेता नवी मुंबईकरों को बड़े झूठ में उलझा रहे हैं.



