
UP से निकला पहला स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाईल, रक्षामंत्री ने दिखाई हरीझंडी, पाकिस्तान में हड़कंप
"India’s First Indigenous BrahMos from UP Gets Green Signal, Sends Shockwaves in Pakistan"
BrahMos missile Lucknow defence unit: आज भारत के रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हुआ है। देश की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का पहला स्वदेशी बैच अब पूरी तरह से सेना में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट में निर्मित इस बैच को हरी झंडी दिखाकर फ्लैगऑफ किया। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मोस की युद्धक क्षमता का एक वर्चुअल प्रदर्शन भी देखा, जिसमें मिसाइल ने दुश्मन के एक जटिल लक्ष्य को अचूकता से नष्ट कर अपनी ‘फायर एंड फॉरगेट’ क्षमता और Mach 3 की रफ्तार का प्रदर्शन किया।
ब्रह्मोस की ताकत, उत्पादन क्षमता और रणनीतिक महत्व
यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारत अब रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी ताकतों पर निर्भर नहीं है। Zee News की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री ने बटन दबाकर लखनऊ यूनिट में निर्मित पहले बैच को सेना के लिए रवाना किया। यह यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का सबसे अहम और रणनीतिक केंद्र है, जो देश के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती प्रदान करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्लांट सालाना 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलें बनाने की क्षमता रखता है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर और बढ़ाया जा सकता है। यह भारत के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन लक्ष्यों में से एक है, जो स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वर्चुअल स्ट्राइक का प्रदर्शन
फ्लैगऑफ के दौरान वर्चुअल सिमुलेशन में ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन के एक महत्वपूर्ण लक्ष्य को सटीकता से नष्ट किया। यह प्रदर्शन आधुनिक युद्ध के मैदान में ब्रह्मोस की प्रभावशीलता को दर्शाता है, जिसमें दुश्मन को प्रतिक्रिया का समय तक नहीं मिलता।



