Ajit Pawar Appreciate Ramsheth Thakur : रामशेठ ठाकुर को अजित पवार ने बताया “दानशूर कर्ण का अवतार”
Ajit Pawar Appreciate Ramsheth Thakur: Ajit Pawar described Ramsheth Thakur as "the incarnation of Danashur Karna"
पनवेल/सांगली: राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पूर्व सांसद लोकनेते रामशेठ ठाकुर की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें “दानशूर कर्ण का अवतार” बताया। उन्होंने कहा कि “पैसे तो सभी कमाते हैं, लेकिन देने का दिल रामशेठ ठाकुर के जैसा किसी के पास नहीं है। मैंने आज तक उनके जैसा दिलदार इंसान नहीं देखा।” ईश्वरपूर (जिला सांगली) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अजित पवार ने यह बात महाराष्ट्र की 13 करोड़ जनता की ओर से ठाकुर का अभिनंदन करते हुए कही। सांगली के ईश्वरपूर में शनिवार को महात्मा फुले शिक्षण संस्था द्वारा संचालित प्रा. डॉ. एन.डी. पाटील विधि महाविद्यालय, श्रीमती सरोज पाटील मनोविज्ञान संशोधन केंद्र, तथा डॉ. एन.डी. पाटील बहुउद्देशीय सभागृह का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील, लोकनेते रामशेठ ठाकुर, विधायक रोहित पवार, सांसद धैर्यशील माने, पूर्व मंत्री जयंत पाटील, कुलगुरु डॉ. डी.टी. शिर्के व अन्य मान्यवरों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर अजित पवार ने जिला योजना अनुदान से डॉ. एन.डी. पाटील बहुउद्देशीय सभागृह के लिए ₹10 करोड़ की निधि देने की घोषणा की। इसके साथ ही, लोकनेते रामशेठ ठाकुर ने ₹1 करोड़ और विधायक रोहित पवार ने ₹40 लाख की देणगी (दान) देने की घोषणा की।
संस्थात्मक विकास की नई दिशा
संस्थे की जनरल सेक्रेटरी श्रीमती सरोज पाटील ने इस मौके पर कहा कि यह केवल भवनों का उद्घाटन नहीं, बल्कि शिक्षा, समाज जागरूकता, न्याय, कला-संस्कृति, और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने इन सभी प्रकल्पों को समाज के लिए बहुआयामी लाभ देने वाला कदम बताया। 1982 में डॉ. एन.डी. पाटील के मार्गदर्शन में स्थापित मनोविज्ञान विभाग आज पीएच.डी. स्तर पर एक प्रतिष्ठित अनुसंधान केंद्र बन चुका है। विभाग के 7 छात्रों ने पीएच.डी. पूर्ण की है और 13 विद्यार्थी अनुसंधान में कार्यरत हैं। विभाग ने फिलीपींस की नेशनल यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर उच्च शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और नवाचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समझौता (MoU) भी किया है। डॉ. मिलिंद देशमुख के योगदान से अब महाराष्ट्र के छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई और शोध के सुनहरे अवसर उपलब्ध होंगे। इस पहल से शिवाजी विश्वविद्यालय क्षेत्र का पहला मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र भी मंजूर हुआ है।
रामशेठ ठाकुर को मिला “रयत शिक्षण संस्था का रत्न” का गौरव
सरोज पाटील ने लोकनेते रामशेठ ठाकुर की सराहना करते हुए कहा कि “वे गरीब परिवार से आए, लेकिन कर्मवीर भाऊराव पाटील के ‘कमाओ और सीखो’ सिद्धांत को अपनाकर उन्होंने शिक्षा ली और फिर बड़े उद्योगपति बने। वे बेहद ईमानदार, दयालु और समाजसेवी हैं। अब तक वे ₹100 करोड़ से अधिक की राशि संस्था को दान में दे चुके हैं।” इस पर रामशेठ ठाकुर ने कहा कि रयत शिक्षण संस्था उनकी “मातृसंस्था” है और वे हमेशा संस्था के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, “डॉ. एन.डी. पाटील और सरोज पाटील ने मुझे स्नेह दिया है, और संस्था को जो भी मदद चाहिए होगी, मैं करूंगा।” इस समारोह में अजित पवार, चंद्रकांत पाटील, रामशेठ ठाकुर, रोहित पवार, सांसद धैर्यशील माने, विधायक जयंतराव पाटील, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आशिष देशमुख, कुलगुरु डॉ. डी.टी. शिर्के, शिक्षण संचालक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर, जिलाधिकारी अशोक काकडे, पुलिस अधीक्षक संदीप घुगे, शिक्षण विभाग के सहसंचालक डॉ. प्रकाश बच्छाव, महेश चोथे व अन्य प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे।




