Hindu Marriage Act : हिंदू विवाह अधिनियम रद्द करो, नया कानून बनाओ | करणी सेना की बड़ी मांग
Repeal the Hindu Marriage Act 1955, Big demand of Maharashtra Karni Sena

मुंबई, विशेष प्रतिनिधिः महाराष्ट्र करणी सेना ने हिंदू विवाह अधिनियम 1955 को तत्काल रद्द करने की मांग की है. भारत सरकार को अपील करते हुए महाराष्ट्र करणी सेना के महाराष्ट्र चीफ अजय सिंह सेंगर ने कहा कि आज हिंदू विवाह अधिनियम में ऐसी खामियां हैं जिसका देश भर में दुरुपयोग हो रहा है. पतियों को भारी मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ रही हैं. उन्होंने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट में लचर प्रावधानों के कारण विवाह विच्छेद समय पुरुष पक्ष को ऐसी शर्तों का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनके सामने आर्थिक तौर पर बर्बाद होने या जीवन को खत्म करने की नौबत आ जाती है.इस कानून के तहत अदालत के माध्यम से तलाक लेने में 4 से 5 साल लगते हैं। ऐसे में अधिकांश जोड़े गलत रास्ता अपना लेते हैं.
सबके लिए एक जैसा मैरिज कानून क्यों नहीं-बड़ा सवाल
हिंदू मैरिज एक्ट 1955 आखिरी सांस तक साथ रहने और वैवाहिक बंधन को निभाने की बात करता है.लेकिन विवाह विच्छेद को लेकर कानून की दलीलें असमानता दिखलाती हैं. कठोर एवं उबाऊ नियमों के कारण हिदू पति के लिए तलाक लेना आसान नहीं है. इस पर दलील है कि धर्मनिरपेक्ष देश में जहां मुसलमानों को एक मिनट में तलाक मिल जाता है, वहीं हिंदुओं को 5 साल तक इंतजार करना पड़ता है. यह सामाजिक भेदभाव ठीक नहीं है। हमें हर धर्म के विवाह के लिए अलग-अलग कानूनों की आवश्यकता क्यों है, जब देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है, तो सभी धर्मों के लिए विवाह को लेकर एक ही कानून होना चाहिएफर्जी FIR, कानून की आड़ में अत्याचार बंद हो-अजय सिंह सेंगर
महाराष्ट्र करणी सेना के महाराष्ट्र चीफ अजय सिंह सेंगर ने कहा कि हिंदू परिवारों में शादी करके अलग होने के बाद भारी भरण-पोषण की मांग की जा रही है, अपनी संपत्ति पर अधिकार मांगा जा रहा है, पति और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, नाबालिग बच्चे की कस्टडी अपने पास रखकर ब्लैकमेल किया जा रहा है, पुलिस में झूठी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और यहां तक कि अदालत भी कानून के प्रावधानों के अनुसार उसकी अनुचित मांगों को मान लेती है, इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत इस कानून को निरस्त करना चाहिए।
नया हिंदू विवाह कानून लाएं, तलाक की शर्त शामिल करें-PM से मांग
करणी सेना का मानना है कि हिंदू धर्म में व्यभिचार की दर बढ़ रही है, इसलिए हिंदू विवाह अधिनियम को निरस्त कर इसके स्थान पर एक नया कानून बनाना चाहिए। महाराष्ट्र सेना प्रमुख अजय सिंह सेंगर ने कहा कि इस नए कानून में एक महीने के भीतर तलाक की शर्त शामिल की जानी चाहिए ताकि तलाक लेने वाले पति-पत्नी का पारिवारिक जीवन बर्बाद होने से बच सके। उन्होंने दावा किया कि हिंदू मैरिज एक्ट से हिंदू परिवारों का बड़े पैमाने पर शोषण शुरू हो रहा है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कानून मंत्री को पत्र भेजकर इस कानून को निरस्त करने की मांग की है, और सभी हिंदू सांसदों को एक पत्र भेजकर उनसे संसद में इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध किया है.
मुसलमानों को एक मिनट में तलाक मिल जाता है, जबकि हिंदुओं को 5 साल तक इंतजार करना पड़ता है.इसलिए सभी धर्मों के लिए विवाह संबंधी एक ही कानून होना चाहिए.



