Uproar In Maharashtra Assembly | विधानसभा में हंगामा: किसानों के मुद्दे पर बोले नाना पटोले, पूरे दिन के लिए निलंबित
Uproar in the assembly: Nana Patole spoke on the issue of farmers, suspended for the whole day
मुंबई/प्रतिनिधी: महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद पटोले ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, “हमें एक दिन नहीं, रोज़ निलंबित कीजिए, हम फिर भी नहीं रुकेंगे। हम किसानों की आवाज़ उठाते रहेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।” मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में किसानों की समस्याओं पर चर्चा के दौरान नाना पटोले ने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे विधायक और स्वयं कृषि मंत्री किसानों का “अपमान” कर रहे हैं। पटोले ने कहा कि राज्य में हाल ही में हुई अकाल बारिश ने किसानों को बर्बाद कर दिया है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति किसानों की बात करता है, उसे निलंबित कर दिया जाता है, लेकिन जो उनके खिलाफ बोलते हैं, उन्हें सम्मानित किया जाता है। यह सरकार किसान विरोधी है।”
“मोदी तुम्हारे बाप हो सकते हैं, किसानों के नहीं” — नाना पटोले
बात यहीं तक नहीं रुकी। चर्चा के दौरान नाना पटोले ने बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा:
“लोणीकर और कृषि मंत्री लगातार किसानों का अपमान करते हैं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। मोदी तुम्हारे बाप हो सकते हैं, किसानों के बाप नहीं हो सकते।” इस असंसदीय टिप्पणी पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा सदन में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने जोरदार नारेबाज़ी जारी रखी। विरोध प्रदर्शन के बीच नाना पटोले ने सदन के राजदंड (मेस) की ओर दौड़ लगाई और उसे छू लिया, जो विधानसभा की कार्यवाही में गंभीर अवमानना मानी जाती है। इस गंभीर घटना को देखते हुए अध्यक्ष नार्वेकर ने सदन को पहले कुछ मिनटों के लिए स्थगित किया और फिर कार्यवाही शुरू होते ही नाना पटोले को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया।
निलंबन के बाद नाना पटोले की प्रतिक्रिया
विधान भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पटोले ने कहा:
“हमें एक दिन नहीं, रोज निलंबित कीजिए। जब तक इस सरकार की किसान विरोधी मानसिकता नहीं बदलती, हम चुप नहीं बैठेंगे। सरकार के मंत्री किसानों को भिखारी समझते हैं। क्या किसानों की बात करना अपराध है? अगर हां, तो हम रोज़ यह अपराध करेंगे।”
पटोले ने यह भी कहा कि वे अगले दिन भी सदन में जाकर किसानों के मुद्दे उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।
विपक्ष की एकजुटता
कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और शिवसेना UBT (उद्धव ठाकरे गुट) ने पटोले के निलंबन की निंदा करते हुए सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। नाना पटोले का यह उग्र रुख और विधानसभा में हुआ घटनाक्रम महाराष्ट्र की सियासत में आने वाले दिनों में और उबाल ला सकता है। किसानों की समस्याओं को लेकर विपक्ष आक्रमक तेवर अपनाए हुए है, वहीं सत्ता पक्ष से उनकी टकराव की रेखा और तेज होती दिख रही है।




