
Navi Mumbai Airport Naming: दिबा का नाम देने कब जागेगी सरकार | महेंद्र घरत का बड़ा सवाल
Mahendra Gharat’s Big Question: Why Government Silence on Airport Naming
उलवे/प्रतिनिधिः लोकनेता दिनकर बालू पाटिल ने अंतिम सांस तक न्याय के लिए लड़ाई लड़ी। वे देश भर में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए अपने घरों की चौखट पर तुलसी के पत्ते रखने वाले नेताओं में से हैं। वे उरण में परियोजना पीड़ितों के ऐतिहासिक आंदोलन के अग्रणी रहे, पांच जनों की शहादत के बाद प्रकल्पग्रस्तों को न्याय और अधिकार मिला. लेकिन आज तक प्रकल्पग्रस्तों के मसीहा दिबा का नाम एय़रपोर्ट पर नहीं लग सका है. सरकार प्रकल्पग्रस्तों की मांग को पूरा करने में देरी कर रही है. एयरपोर्ट पूरा होने को है और उड़ान की तैयारी में है लेकिन दिबा के नाम को लेकर कोई सूचना नहीं है. महेंद्र घरत ने पूछा कि आखिर सरकार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दीबा पाटिल एय़रपोर्ट रखने के लिए कब होश आएगा? दिबा की 12वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए श्रमिक नेता महेंद्रशेठ घरत ने अपनी दृढ़ राय व्यक्त की, उन्होंने कहा कि सरकार एयरपोर्ट नामकरण का मुद्दा लगातार आगे धकेल रही है जिससे प्रकल्पग्रस्तों में आक्रोश है.
भूषण पाटिल ने की सांकेतिक हड़ताल, पूर्व सांसद का आश्वासन
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नामकरण के संबंध में, कॉमरेड. भूषण पाटिल ने जासई में भूख हड़ताल किया, कांग्रेस की ओर से महेंद्र शेठ घरत ने उन्हें समर्थन दिया। उन्होंने पनवेल के संग्राम बंगले में भी दिबा का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने दीबा के पुत्र अतुल पाटिल एवं मनीषा पाटिल से बातचीत की. यहां कई दलों के नेता मौजूद थे।



