Shahu Maharaj Jayanti: राजर्षी शाहू महाराज जयंती पर छात्रों का गुणगौरव, सुपर 30 के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा
Tribute to Rajarshi Shahu Maharaj on 151st birth anniversary | Sudhakar Sonawane
नवी मुंबई/सुधीर शर्मा : बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर नगर रबाले के पीएम श्री राजर्षी छत्रपती शाहू महाराज विद्यालय में आज राजर्षी छत्रपती शाहू महाराज की 151वीं जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई. जयंती के अवसर पर, ‘सम्मान गुणवत्ता का, सत्कार गुणवंतों का’ नामक एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में दसवीं की परीक्षा में 80% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों और उनके माता-पिता को सम्मानित किया गया. एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील वाघमारे और स्कूल के प्रधानाध्यापक अमोल खरसांबले ने छत्रपती शाहू महाराज की प्रतिमा पर माला चढ़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की. इसके साथ ही, वरिष्ठ नगरसेविका सौ. रंजनाताई सोनवणे, डॉ. गौतमी साबळे, प्राथमिक विभाग की प्रधानाध्यापिका सौ. स्नेहल भिसे, केंद्र समन्वयक रमेश तेली, अविनाश जाधव, और प्रधानाध्यापक जयप्रकाश सिंह ने दीप प्रज्वलित किया. यहां पूर्व महापौर सुधाकर सोनवणे ने आयुक्त स्वर्गीय सुनील सोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए अभिवादन किया. स्कूल के सांस्कृतिक विभाग ने शाहू महाराज पर एक सुंदर प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत करके पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं शिक्षकों और छात्रों ने गीतों के माध्यम से शाहू महाराज के जीवन का वर्णन करने का प्रयास किया. इस कार्यक्रम में विश्व बालक केंद्र की सुजाण मैडम, वर्षा काले और कविता भट्टाचार्य भी उपस्थित थीं.
गुणवंत छात्रों का सम्मान, ‘राजर्षी शाहू ज्ञान संजीवनी’ छात्रवृत्ति की घोषणा
छात्रवृत्ति पाने के लिए ऐसे होगा चयन
NMMC के 6 शिक्षकों ने काराया अपने बच्चों का एडमिशन
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि स्कूल के छह शिक्षकों (सनी पाटील, जयश्री पवार, विनोद झापडे, विजय चौरे, अमोल वाघमारे, और सोनाली अनंत कळवस) ने अपने बच्चों को इसी स्कूल में दाखिला दिलाकर समाज के लिए एक अनूठा संदेश दिया. इससे अन्य माता-पिता का भी स्कूल पर भरोसा और बढ़ गया. शिक्षकों ने विश्वास जताया कि राजर्षी शाहू महाराज विद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित जिस तरह का इनोवेटिव एजुकेशन दिया जा रहा है वैसा बेहतर एजुकेशन महंगे कान्वेंट विद्यालयों में भी नहीं मिल रहा है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चों को यहां दाखिला दिलाने का निर्णय लिया. पूर्व महापौर सुधाकर सोनावणे ने कहा कि पीएमश्री छत्रपति राजर्षी शाहू महाराज विद्यालय खेल, शिक्षा, सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों का जीवन संवारने में जुटा है. उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कठोर परिश्रम से सफलता हासिल की जा सकती है.
छात्रों का जीवन संवारने में जुटे हैं सुधाकर सोनावणे -सुनिल वाघमारे
जानिए कौन थे कोल्हापुर के छत्रपति शाहू महाराज
राजर्षि शाहू महाराज का जन्म 26 जून 1874 को कागल के घाटगे परिवार में हुआ था। महाराज के पिता का नाम जहागीरदार जयसिंहराव आबासाहेब घाटगे था। उनकी माता का नाम राधाबाई था। शाहू महाराज का मूल नाम यशवंतराव था। छत्रपति शाहू महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, कोल्हापुर के शाहू और चौथे साहू जैसे विभिन्न नामों से प्रसिद्ध थे। उनके शासनकाल में कोल्हापुर की प्रगति का नया अध्याय लिखा गया। जब वे दस वर्ष के थे, तो कोल्हापुर के राजा शिवाजी चतुर्थ की रानी आनंदीबाई ने 18 मार्च 1884 को उन्हें गोद ले लिया और वे कोल्हापुर के छत्रपति शाहू महाराज बन गए। समानता का पाठ पढ़ाने वाले राजर्षि शाहू महाराज की 151वीं जयंती 26 जून को मनाई जाती है.
आम लोगों को सामाजिक न्याय दिलाने, हर नागरिक को समान हक दिलाने के लिए राजर्षि शाहू महाराज का कार्य उल्लेखनीय है. शाहू महाराज के जन्मदिन 26 जून को महाराष्ट्र में ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह महाराज की 151वीं जयंती है।


