
Emergency के 50 साल पूरे | ठाणे में सत्याग्रहियों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित
50 years of Emergency; Anti-Emergency Satyagrahis honored at Collectorate Office
ठाणे, प्रतिनिधिः देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर आज ठाणे जिले में कई शासकीय कार्यक्रम आयोजित किए गए. इस अवसर पर जिलाधिकारी कार्यालय में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए संघर्ष करते हुए जेल में बंद हुए व्यक्तियों का सम्मान किया गया. भारत में घोषित आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, लोकतंत्र के लिए संघर्ष करते हुए मीसा डीआईआर के तहत कारावास भोगने वाले व्यक्तियों को अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय में यह सम्मान दिया गया. इस अवसर पर अतिरिक्त जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल ने कहा कि हॉल में उपस्थित सभी आपातकाल सत्याग्रहियों में आज भी वही उर्जा दिखाई दे रही है, जो हम सभी के लिए प्रेरणादायी है, सत्याग्रहियों का यह सम्मान उनके द्वारा सहन किए गए अंतहीन कष्टों और संघर्षों के प्रति सम्मानपूर्ण श्रद्धांजलि है. यह इमरजेंसी 25 जून 1975 से 31 मार्च 1977 तक लगाई गई थी.
सत्याग्रहियों को दिए मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर का प्रशस्तिपत्र
कार्यक्रम की शुरुआत में आपातकाल के दौरान लड़ते हुए शहीद हुए सत्याग्रहियों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही, आपातकाल के दौरान जेल गए सत्याग्रहियों को अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिश्चंद्र पाटिल द्वारा प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा हस्ताक्षरित सम्मान पत्र प्रदान करके सत्याग्रहियों को सम्मानित और गौरवान्वित किया गया. सत्याग्रहियों के प्रतिनिधि अनिल भादे, अनुराधा जुवेकर, रमेश बेदमुथा ने आपातकाल के दौरान अपने अनुभव बताए। इस अवसर पर वरिष्ठ उप जिला कलेक्टर (सामान्य प्रशासन) सचिन चौधरी, आपातकाल के दौरान कारावास भुगतने वाले आपातकाल विरोधी सत्याग्रही, दिवंगत आपातकाल विरोधी सत्याग्रहियों के उत्तराधिकारी, जिला कलेक्टर कार्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना अधिकारी मनोज सुमन शिवाजी सानप ने किया। इस अवसर पर उन्होंने आपातकाल के दौरान की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।



