Diba Patil स्मृति दिवस पर विद्यार्थियों और बुजुर्गों का सम्मान | Sanjeev Naik ने जगाई प्रेरणा
Dashrath Bhagat | Students and elders honored on Diba Patil Memorial Day | Sanjeev Naik inspired
नवी मुंबई/ सुधीर शर्माः प्रकल्पग्रस्तों के नेता और किसानों के मसीहा दि.बा. पाटिल की पुण्यतिथि पर आज नवी मुंबई में उन्हें सामाजिक उपक्रमों के जरिए याद किया गया. नवी मुंबई पुनर्वसन सामाजिक संस्था ने दिवंगत दिबा की स्मृतियों को उजाला देने बाईक और कार रैली निकाली और जनता के बीच उनके योगदानों का संदेश दिया. वहीं संध्या समय सिडको प्रदर्शन केंद्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सैकड़ों प्रकल्पग्रस्तों और नवी मुंबईकरों ने अपने मसीहा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदानों के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. प्रकल्पग्रस्त नेता दशरथ भगत के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक, युवा नेता संदीप भगत, पूर्व नगरसेविका फसीबाई भगत, बैजयंती भगत समेत सैकड़ों की संख्या में छात्र, युवा और प्रकल्पग्रस्त मौजूद रहे. यहां युवा नेता निशांत भगत ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए दिबा के संघर्ष गाथा और उनके बलिदान की जानकारी दी.
10वीं-12वीं के उत्तीर्ण विद्यार्थियों का सम्मान, बुजुर्गों को बांटे छाते
इस अवसर पर दिवंगत दिबा पाटिल को स्मृतियों को उजाला देने, और उनके कार्यों से प्रेरणा जगाने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं बैग देकर सम्मानित किया गया. वहीं वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद बुजुर्गों को छाते बितरित किए गए. कार्यक्रम में मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पनवेल और नवी मुंबई के प्रकल्पग्रस्त, मच्छीमार और किसान संगठनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ता और प्रकल्पग्रस्त शामिल हुए. पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक ने दिबा पाटिल को याद करते हुए कहा कि दिबा नवी मुंबई की पहचान हैं, उनके संघर्ष और प्रयासों के कारण नवी मुंबई की प्रगति हुई और प्रकल्पग्रस्तों को साढ़े 12 प्रतिशत योजना का लाभ मिल सका. संजीव नाईक ने कहा कि नवी मुंबई एय़रपोर्ट पर दिबा पाटिल का नाम मिलना ही चाहिए बस हमें इस फैसले का इंतजार है. उन्होंने युवाओं से यहां पैदा हो रही नौकरियों का लाभ उठाने का भी आह्वान किया.
युवाओं में दिबा की प्रेरणा कायम रखने का प्रयत्नः दशरथ भगत
वहीं दिबा पाटिल की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम के आय़ोजक दशरथ भगत ने अपने संबोधन में दिवंगत दिबा पाटिल का अभिवादन करते हुए कहा कि दिबा पाटिल प्रकल्पग्रस्तों के मसीहा, किसानों को हक दिलाने वाले आधार स्तंभ और नवी मुंबई की पहचान हैं. आज के कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों को सम्मानित कर हमने दिबा के अतुलनीय योगदान और संघर्षों की याद दिलाने, और छात्रों में प्रेरणा जगाने की प्रयास किया है. दशरथ भगत ने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट पर दिबा का नाम दिए जाने की मांग कायम है और यह यह होकर रहेगा.



