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Operation Sindoor : कांग्नेस ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया कंप्यूटर गेम : नाना पटोले के बयान पर मचा बवाल

Nana Patole's statement called Operation Sindoor a computer game, created a ruckus - BJP MLA Amit Gorkhe's scathing attack

मुंबई/सुमित गायकवाड : कांग्रेस नेता नाना पटोले के एक विवादित बयान ने देश की सियासत में जबरदस्त हलचल मचा दी है। पटोले ने कथित रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को “एक कंप्यूटर गेम” बताया, जिस पर बीजेपी विधायक अमित गोरखे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गोरखे ने नाना पटोले के बयान को न केवल भारतीय सेना का अपमान बताया, बल्कि इसे देशविरोधी मानसिकता का प्रतीक करार दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा हाल ही में पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में चलाया गया एक विशेष सैन्य अभियान था, जिसमें कई आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया गया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की रणनीतिक सूझबूझ, साहस और शौर्य का प्रतीक माना जा रहा है। देशभर में इस अभियान की सराहना हो रही थी, लेकिन नाना पटोले के बयान ने इस अभियान पर नया विवाद खड़ा कर दिया।

देशद्रोही मानसिकता को कभी माफ नहीं करेगा देश – अमित गोरखे

“नाना पटोले जैसे नेता जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को कंप्यूटर गेम बताते हैं, तो वे न केवल देश के वीर जवानों का अपमान करते हैं, बल्कि शहीदों के परिवारों की भावनाओं को भी आहत करते हैं। ये बयान शर्मनाक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी हैं।”

~ अमित गोरखे

उन्होंने आगे कहा:

“कांग्रेस पार्टी की सोच शुरू से ही सेना और देश के गौरव के खिलाफ रही है। पहले सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत माँगना, अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मज़ाक उड़ाना – यह दिखाता है कि कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है।” गोरखे ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी खुद विदेश जाकर भारत का अपमान करते हैं, और उनकी पार्टी में देशभक्ति की कोई भावना नहीं बची है।

कांग्रेस सवालों के घेरे में – देश पहले या राजनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सेना से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की बयानबाजी चुनावी फायदे या नुकसान का कारण बन सकती है। बीजेपी ने कांग्रेस को “पाकिस्तान समर्थक मानसिकता” से जोड़ते हुए इस बयान को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है। हालांकि कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नाना पटोले के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। फिर भी, विवाद इतना गहरा हो चुका है कि कांग्रेस को सफाई देनी ही पड़ सकती है देश में जब भी सेना से जुड़ी कोई बड़ी कार्रवाई होती है, तब उस पर सियासत होना एक आम बात बन चुकी है। लेकिन इस बार मामला काफी गंभीर है क्योंकि यह सवाल उठाता है कि क्या राजनेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर संयम बरतना चाहिए? नाना पटोले का बयान चाहे जैसे भी लिया जाए, लेकिन विपक्ष को बैठे-बिठाए एक मुद्दा ज़रूर मिल गया है – देशभक्ति बनाम राजनीति।

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