
राशन कालाबाजारी का अड्डा बन रही नवी मुंबई, लक्ष्मण पटेल की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा
Ration Blackmarketing : Navi Mumbai is becoming a hub, big revelation from the arrest of Laxman Patel
नवी मुंबई, विशेष प्रतिनिधिः सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद कोटा राशन की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है. ताजा मामला 8 मई 2025 को पनवेल सिटी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर 0241 का है, जिसमें 80 लाख फोर्टिफाइड राइस की कालाबाजारी मामले में पुलिस ने लक्ष्मण पटेल, मैनेजर संतोष सिंह और ट्रक ड्राईवर शिवप्रसाद सरोज समेत 3 लोगों की गिरफ्तारी की है. लक्ष्मण पटेल कल्याण में जय आनंद फुड्स इंडस्ट्रीज के जरिए खाद्य अनाज का एक्सपोर्टर और सप्लायर है. पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल के बाद पनवेल, खालापुर और तलोजा समेत कई ठिकानों पर मौजूद गोदामों को भी सील किया है. यह मामला सरकार के फूल प्रूफ रेशनिंग डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की भी पोल खोलता है.
उत्तराखंड से गिरफ्तारी, रैकेट की जांच जारी-पुलिस
इस मामले में पनवेल सिटी पुलिस ने अति आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 7 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए 80 लाख कीमत का फोर्टिफाइड राशन जब्त किया है और इसकी कालाबाजारी में लिप्त जय आनंद फुड इंडस्ट्री के डायरेक्टर लक्ष्मण पटेल और उसके लिंक को खंगालने में जुटी है.पनवेल पुलिस ने बताया कि (एफआईआर क्रमांक 0241/2025 ) शिकायत के बाद जय आनंद फुड्स इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर लक्ष्मण पटेल, को उत्तराखंड के कौसानी से गिरफ्तार किया जा चुका है. कोर्ट ने तीनों को 11 जून तक कस्टडी दी है. पनवेल पुलिस के सीनियर पीआई नितिन ठाकरे ने इस कालाबाजारी केस को बड़ा मामला बताते हुए कहा कि तहसीलदार कार्यालय ने 7 मई की शाम 3 संदिग्ध ट्रकों पर रेड की जिसमें कोटा राशन की कालाबाजारी का शक हुआ था, हालांकि 2 ट्रक फरार हो गए. एक ट्रक को हिरासत में लिया गया. ट्रक चालक, राशन का जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सका जिसके बाद 8 मई को केस दर्ज करते हुए ट्रक में लदे फोर्टिफाईड चावल की 1280 बोरियां जब्त कर ली गयी. इसके अलावा लक्ष्मण पटेल के खालापुर, पनवेल और तलोजा के गोदामों को भी सील कर दिया गया है.
दावा ट्रांसपरेंसी का, कारोबार धांधली काः सच क्या है
इस मामले में जांच पड़ताल में जय आनंद फुड्स इंडस्ट्रीज का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है.लक्ष्मण पटेल इस कंपनी के डायरेक्टर हैं. जय आनंद फुड्स के वेबसाइट पर लक्ष्मण पटेल ने ट्रांसपरेंसी और इमानदारी के साथ काम करने का दावा किया है. लेकिन हकीकत में यह दूसरी बार है जब लक्ष्मण पटेल का नाम सरकारी राशन की कालाबाजारी में सामने आया है. असल लक्ष्मण पटेल के गोदामों से पकड़ा गया फोर्टिफाइड चावल खास तरह का राइस है जो गरीबों को पोषक अनाज उपलब्ध कराने की योजना का हिस्सा है. इसे केवल सरकारी अधिकृत दुकानों पर ही बेचा जा सकता है, लेकिन यहां अवैध रुप से उसकी सप्लाई की जा रही थी. पुलिस अधिकारी नितिन ठाकरे ने कहा कि मुख्य आरोपी लक्ष्मण पटेल पेशेवर व्यापारी है, इससे पहले भी सरकारी अनाज की कालाबाजारी के मामले में लिप्त रहा है. इसलिए पुलिस अब इसे पूरे रैकेट को खंगालने में जुटी है.
कालाबाजारी का अड्डा बन गया खालापुर, तलोजा-पनवेल
वर्ष 2020 से वर्ष 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवी मुंबई परिक्षेत्र में खाद्यान्न कालाबाजारी की दर्जनों घटनाएं हुई हैं. अगस्त 2020 में पनवेल के पलस्पे फाटा गोदाम से 110 टन चावल पकड़ा गया. जिसकी कीमत 33 लाख से अधिक रही. 2022 में इसी तरह की धांधली पकड़ी गई, जिसमें 330 मिट्रिक टन प्रतिबंधित अनाज की कालाबाजारी पकड़ी गई. जुलाई 2023 में वाशी एपीएमसी में लाखों की दाल और चावल को जब्त किया गया. जनवरी 2025 और मई 2025 में कुल मिलाकर सैकड़ों टन अनाज की कालाबाजारी का मामला सामने आया. सूत्रों के अनुसार खालापुर-भिवंडी और पनवेल के पलस्पे पर पकड़े गए सरकारी राशन की कालाबाजारी में लक्ष्मण पटेल उर्फ लखन पटेल का नाम शामिल रहा है. वर्ष 2001 में इकबाल काजी के गोदाम में छापेमारी के दौरान लक्ष्मण पटेल द्वारा रखा गया चावल जब्त किया. इसमें भीमाशंकर खाड़े और इकबाली काजी के साथ लखन पटेल मुख्य आरोपी था जिसने सोलापुर से सरकारी राशन को अपने गोदाम तक ले आया.



