
Operation Sindoor : कोरिया और गुयाना पहुंचा भारत का प्रतिनिधि मंडल, जानिए, क्या हुई चर्चा
Indian delegation reached Korea and Guyana, know what was discussed
दिल्ली-पीआईबी/ पाकिस्तान द्वारा भारत में सीमापार से चलाए जा रहे आतंकवाद को पोषित और समर्थन देने के कृत्य और जवाबी कार्रवाई में आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करने के भारत के अभियान ऑपरेशन सिंदूर के बारे में वैश्विक जगत को जानकारी देने के लिए विभिन्न देशों की यात्रा पर निकले संसदीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व कर रहे सांसद संजय कुमार झा की अगुवाई में शिष्टमंडल कोरिया पहुंचा है। कोरिया गणराज्य में भारत के राजदूत अमित कुमार के उद्बोधन से प्रतिनिधिमंडल की ऑपरेशन सिंदूर पर वार्ता आरंभ हुई। उन्होंने निर्धारित वार्ता में कोरिया-विशिष्ट दृष्टिकोण रेखांकित कर आतंकवाद के विरुद्ध भारत के शून्य सहनशीलता बरतने के रुख के बारे में मजबूत आधार तैयार किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कोरिया को दी पहलगाम हमले की जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने कोरिया के पूर्व विदेश मंत्री डॉ. यूं यंग-क्वान, पूर्व विदेश उप मंत्री श्री चो ह्यून, भारत में कोरिया के पूर्व राजदूत रहे श्री शिन बोंग-किल और ली जून-ग्यू, संसद के विदेश मामलों की समिति के पदेन सदस्य किम गुन और राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी केंद्र के निदेशक मेजर जनरल शिन सांग-ग्यून सहित गणमान्य कोरियाई नागरिकों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पहलगाम में जघन्य आतंकवादी कृत्य और उसके उपरांत भारत द्वारा नपी-तुली और संघर्ष सीमित रखने वाली कार्रवाई से अवगत कराया। उन्होंने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) सहित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की अपनी शर्तों पर त्वरित और निर्णायक जवाबी कार्रवाई को अब “सामान्य” रवैया के रूप में अपनाने की पुष्टि की। प्रतिनिधिमंडल ने कोरिया में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की और उन्हें ऑपरेशन सिंदूर पर विशद जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले में पाकिस्तान के संलिप्त होने की बात को स्पष्ट रूप से समझाया और भारत में सामाजिक वैमनस्य पैदा करने के पाकिस्तान के कुप्रयासों का उल्लेख किया।
गुयाना के उपराष्ट्रपति से मिला शशि थरूर का प्रतिनिधि मंडल

वहीं सांसद डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में सर्वदलीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने गुयाना के उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और आतंकवाद का कड़ा जवाब दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने रेखांकित किया कि भारत की आरंभिक प्रतिक्रिया और बाद की कार्रवाई नपी-तुली, लक्षित, संघर्ष न भड़काने वाली और जिम्मेदाराना थी। आतंकवाद के विरुद्ध भारत के सैद्धांतिक और दृढ़ रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते।



