सामना ने लिखा ‘हिंदू तालिबान’| पुलिस में शिकायत | मुसीबत में उद्धव ठाकरे
Saamna wrote 'Hindu Taliban': Nitesh Rane slams Uddhav Thackeray, FIR lodged
मुंबई: महाराष्ट्र के शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय ने जबरदस्त विवाद खड़ा कर दिया है। इस संपादकीय में ‘हिंदू तालिबान’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इस पर विरोध जताया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों और हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे हिंदू समाज का अपमान करार दिया है। इस संपादकीय को लेकर अब बुलढाणा में पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है और मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस संपादकीय में प्रयुक्त भाषा हिंदू धर्म को कमजोर करने और एक विशेष समुदाय को नीचा दिखाने का प्रयास है। संगठनों का कहना है कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करके धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है, और यह कदापि स्वीकार्य नहीं हो सकता।
‘हिंदू तालिबान’ की टिप्पणी से बढ़ा विवाद
सामना के संपादकीय में हिंदुत्व की एक विचारधारा पर टिप्पणी की गई थी, जिसमें ‘हिंदू तालिबान’ शब्द का प्रयोग किया गया था। हिंदू संगठनों ने इस शब्द को हिंदू समाज का अपमान मानते हुए विरोध जताया है। एडवोकेट शेखर त्र्यंबक जोशी ने बुलढाणा जिले के खामगांव शहर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सामना’ अखबार ने हिंदू समुदाय को अपमानित करने का प्रयास किया है। उनका कहना था, “यह शब्द न केवल हिंदू समाज को बदनाम करने का प्रयास है, बल्कि इसने हमारी धार्मिक भावनाओं को भी आहत किया है।”
सामना के खिलाफ FIR , पुलिस जांच तेज
खामगांव शहर पुलिस ने शेखर जोशी की शिकायत के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता शेखर जोशी ने अपनी शिकायत में कहा, “सामना ने ‘हिंदू तालिबान’ जैसे शब्दों का प्रयोग करके हिंदू समाज की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है। यह शब्द किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं हो सकता और हम इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।” इसके साथ ही, हिंदू संगठनों ने भी अपना विरोध जाहिर किया है और इस संपादकीय को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विवाद में घिरे संजय राऊत, सुभाष देसाई
इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत और प्रकाश सुभाष देसाई भी घिरते नजर आ रहे हैं, क्योंकि यह संपादकीय उनके द्वारा संपादित किया गया था। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) ने इस विवाद को लेकर किसी भी प्रकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी नेताओं के खिलाफ हो रही शिकायतों से यह स्पष्ट है कि यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी गर्म हो चुका है।खामगांव में बढ़ाई गयी सुरक्षा व्यवस्था
महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर बढ़ते विवाद के कारण वहां सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। खामगांव शहर के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था से संबंधित समस्या पैदा होती है, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। सामना के संपादकीय को लेकर महाराष्ट्र में विवाद बढ़ता जा रहा है। इस पर पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस और सरकार की ओर से किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है, और इस विवाद के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव क्या होंगे।




