Education | अब रेंट एग्रीमेंट पर भी होगा RTE में एडमिशन, प्रशांत ठाकुर की मांग पर नया GR

Admission under RTE will be possible on rent agreement, New GR said

मुंबई, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए आरटीई के तहत एडमिशन की समस्या से जूझ रहे पालकों के लिए यह राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने 25 फीसदी प्रवेश प्रक्रिया के लिए जरूरी आवासीय प्रमाणपत्र की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है. पनवेल के बीजेपी विधायक प्रशांत ठाकुर की मांग और पहल पर राज्य के शालेय शिक्षा मंत्री दादासाहेब भूसे ने शिक्षा विभाग से जुड़े सभी उच्चाधिकारियों को यह निर्देश दिया है. सरकार के नए जीआर के मुताबिक अब रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट के साथ लाईट, पानी जैसे बिलों का दस्तावेज एडमिशन के लिए मान्य होंगे. इस आदेश का अधिक असर राज्य के शहरी इलाकों के गरीब बच्चों को मिल सकेगा जो प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश के लिए अक्सर वंचित रह जाते हैं.

निवास प्रमाण माना जाए नोटरीकृत रेंट एग्रीमेंट-आदेश

राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, संपत्ति कर बिल, घर का शीर्षक, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों को निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा और इस निर्णय से पनवेल तालुका के हजारों छात्रों के लिए आरटीई के तहत शिक्षा के अधिकार तक पहुंच आसान हो गई है।

क्या कहता है RTE अनिवार्य शिक्षा कानून

अनिवार्य शिक्षा कानून आरटीई के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों में स्थानीय गरीब छात्रों को प्रवेश देना अनिवार्य किया गया है. हालांकि इस आदेश में खुद का स्थाई आवास का दस्तावेज जमा करना अनिवार्य था. सरकार ने इस नियम को शिथिल करते हुए अब खुद के स्थायी आवास के बदले भाड़े पर लिए गए आवास की पंजीकृत कॉपी पर एडमिशन देने का निर्देश दिया है. यानी कोई भी गरीब पालक अपने इलाके के सबसे नजदीकी विद्यालय में अपने दस्तावेज देकर बच्चे का एडमिशन ले सकता है.पालक इस फैसले के लिए विधायक प्रशांत ठाकुर का आभार मान रहे हैं.  
विधायक प्रशांत ठाकुर की मेहनत, गरीब पालकों को बड़ा दिलासा

इस संबंध में लोकप्रिय विधायक प्रशांत ठाकुर ने राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादासाहेब भुसे से मुलाकात करते हुए उनसे संबंधित मामले को हल करने की मांग की थी. विधायक प्रशांत ठाकुर ने मामले को संज्ञान में लाते हुए प्रवेश प्रक्रिया के लिए नोटरीकृत भाड़ा करार या नए पंजीकृत किरायेदारी समझौते को माध्यमिक रजिस्ट्रार के जरिए स्वीकार करने का सुझाव दिया था. इसके साथ ही छात्रों के माता-पिता को उससे संबंधित दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, नेशनल बैंक पासबुक, वाहन लाइसेंस, एक ही पते का पासपोर्ट रखने की अनुमति देने और संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश देने की अपील की थी. इसे लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने 27 फरवरी को एक आदेश जारी किया.

क्या है पूरा मामला, बदलाव से कितना फायदा

13 जनवरी, 2025 को प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य में कक्षा 1 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेजों को पूरा करने के लिए छात्रों के लिए नए मानदंड लागू किए थे। इसलिए, माता-पिता के बीच बहुत भ्रम था क्योंकि पहले घोषित मानदंडों और नए लागू मानदंडों के बीच विसंगति थी। शिक्षा निदेशालय ने जनवरी 2025 में इस नियम की घोषणा करते हुए नए मानदंडों में उल्लेख किया कि किरायेदारी समझौता प्रवेश पत्र भरने से पहले होना चाहिए और माध्यमिक रजिस्ट्रार द्वारा पंजीकृत किरायेदारी समझौता होना चाहिए. हालांकि नए अधिसूचना से इसका मामला खत्म हो गया है.

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