
Congress प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने दिया इस्तीफा, हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र की कमान
Congress State President Nana Patole resigns, Harsh Vardhan Sapkal takes command of Maharashtra
नागपुर : विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का इस्तीफा लंबे समय बाद स्वीकार कर लिया गया है और उनकी जगह बुलढाणा के पूर्व विधायक हर्षवर्द्धन सपकाल को महाराष्ट्र कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है. हर्ष वर्धन सपकाल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है. पटोले के इस्तीफे के बाद नया प्रदेश अध्यक्ष कौन? इसको लेकर कांग्रेसी हलके में चर्चा चल रही थी. दावेदारों में कई दिग्गज भी शामिल थे. इनमें सबसे बड़ा और प्रमुख नाम पश्चिम महाराष्ट्र से सतेच पाटिल का था. दूसरा नाम था विश्वजीत कदम. इन दोनों नामों के पीछे भावना यह थी कि प्रदेश अध्यक्ष का पद विदर्भ को देने के बाद अब पश्चिम महाराष्ट्र को दिया जाए. विदर्भ से विजय वडेट्टीवार ताल्लुक रखते हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने उनकी पार्टी निष्ठा पर भरोसा नहीं किया, इसलिए उनका नाम वापस ले लिया गया। पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर को भी अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा थी. अंततः हर्षवर्द्धन सपकाल का नाम सामने आया, जो विदर्भ से ताल्लुक रखते हैं. वह पार्टी के प्रति वफादार और राहुल गांधी से सीधे संपर्क रखते हैं.
हर्षवर्धन पर कांग्रेस को बचाने और बढ़ाने की चुनौती क्यों है
महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद से ही कांग्रेस हासिए पर है. ऐसे में आगामी मनपा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान अब राज्यस्तरीय इकाईयों और जिला इकाइयों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति कर रहा है. इसलिए नए अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के लिए बड़ी चुनौती है. हर्षवर्धन को हासिए पर जा रही कांग्रेस को उबारने और कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को बचाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी. हालांकि आने वाले समय में कोई बड़े चुनाव नहीं हैं फिर भी स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस का परफार्मेंस उसकी आगे के भविष्य और अस्तित्व का तय करने वाला साबित हो सकता है. हर्षवर्धन सपकाल के सामने राज्य की 32 महानगर पालिकाओं-स्थानीय निकायों के चुनावों चुनावों को जीतना एक बड़ी चुनौती होगी.
कौन हैं हर्षवर्द्धन सपकाल?
हर्षवर्द्धन सपकाल का राजनीतिक करियर जमीनी स्तर से आगे बढ़ता हुआ जिला परिषद सदस्य से लेकर विधायक तक पहुंचा है। 1999 से 2002 तक वे जिला परिषद के अध्यक्ष रहे. उस समय उन्हें महाराष्ट्र के सबसे युवा अध्यक्ष होने का गौरव हासिल था। वह 2014 से 2019 के बीच कांग्रेस विधायक भी रहे। 2014 से 2019 के बीच वह बुलढाणा के विधायक रहे. इस अवधि के दौरान, उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में एक जल संरक्षण प्रबंधन परियोजना लागू की थी।



