
रायगढ़: 721 किसानों की कर्जमाफी सूची जारी
Raigarh: List of 721 farmers for loan waiver released
रायगढ़-अलीबाग: महाराष्ट्र सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026 के तहत रायगढ़ जिले के 721 पात्र किसानों की चौथी सूची जारी कर दी गई है। इन किसानों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा। जिला उपनिबंधक तनवीर पाटील ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे नजदीकी महा-ई-सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उन्हें कर्जमाफी का लाभ मिल सके।
दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का प्रावधान
राज्य सरकार ने 2 जून 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026 शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य निर्धारित शर्तों के तहत पात्र किसानों को फसल कर्ज के बोझ से राहत प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित किए गए ऐसे फसल ऋण और पुनर्गठित या दोबारा पुनर्गठित कर्ज शामिल हैं, जो 30 सितंबर 2025 तक बकाया थे और 31 मार्च 2026 तक उनका पुनर्भुगतान नहीं हुआ था। पात्र किसानों को अधिकतम दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ देने का प्रावधान है।
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अब तक 11,145 किसानों की सूची जारी
योजना को ऑनलाइन कंप्यूटरीकृत प्रणाली के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने महाआईटी को जिम्मेदारी सौंपी है। रायगढ़ जिले के बैंकों ने योजना के पोर्टल पर कुल 12,074 बकाया ऋण खातों की जानकारी अपलोड की है। महाआईटी द्वारा उपलब्ध आंकड़ों की कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया के बाद पात्र किसानों की सूचियां जारी की जा रही हैं। पहले पात्र लाभार्थियों की तीन सूचियां जारी की गई थीं। इसके बाद 22 अक्टूबर 2026 को 721 किसानों की चौथी सूची प्रकाशित की गई। विभाग के अनुसार, अब तक जिले के कुल 11,145 किसान लाभार्थियों के नाम आधार प्रमाणीकरण के लिए जारी की गई सूचियों में शामिल किए जा चुके हैं। पात्र किसानों की सूची संबंधित बैंक शाखाओं, विकास संस्थाओं और ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लाभार्थी अपनी पात्रता की जानकारी प्राप्त कर सकें।

किसानों को आधार प्रमाणीकरण कराना जरूरी
जिला उपनिबंधक तनवीर पाटील ने किसानों से अपील की है कि वे सूची में अपना नाम जांचने के बाद आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करें। इसके लिए किसान नजदीकी महा-ई-सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर जा सकते हैं। आधार प्रमाणीकरण पूरा होने के बाद नियमानुसार कर्जमाफी की राशि संबंधित किसान के ऋण खाते में जमा की जाएगी। विभाग ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि वे 31 मार्च 2026 तक की अपनी कर्ज बकाया राशि की जानकारी संबंधित बैंक से प्राप्त कर उसकी पुष्टि करें। सूची में दर्ज कर्ज की राशि इसी तारीख की बकाया रकम के आधार पर निर्धारित की गई है। 1 अप्रैल 2026 के बाद का ब्याज और अन्य खर्च माफ किए जाने का प्रावधान भी बताया गया है।
एक से अधिक बैंकों से कर्ज लेने वाले किसान भी शामिल
योजना की सूची में ऐसे किसानों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने एक से अधिक बैंकों से फसल ऋण लिया है। इसलिए लाभार्थियों को अपने सभी संबंधित ऋण खातों और 31 मार्च 2026 तक की बकाया राशि की जानकारी की जांच करनी चाहिए। विभाग के अनुसार, राष्ट्रीयकृत और वाणिज्यिक बैंकों से जुड़े कुछ मामलों में किसानों की 31 मार्च 2026 तक की कुल बकाया राशि दो लाख रुपये से अधिक हो सकती है। ऐसे मामलों में भी सरकार की निर्धारित हेयरकट नीति के अनुसार संबंधित कर्ज को समाप्त करने का प्रावधान बताया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने ऋण खाते से संबंधित विवरण बैंक से सत्यापित कराएं और आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार आधार प्रमाणीकरण पूरा करें।
मृत और बुजुर्ग लाभार्थियों के लिए भी व्यवस्था
योजना के तहत उन पात्र किसानों के मामलों को भी ध्यान में रखा गया है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो अधिक उम्र के कारण आधार प्रमाणीकरण कराने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। जिन लाभार्थियों के फिंगरप्रिंट दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए भी विशेष प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इस संबंध में 19 अगस्त 2026 को मानक कार्यप्रणाली (SOP) जारी की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे पात्र लाभार्थियों को योजना के लाभ से वंचित होने से बचाना है। संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर्जमाफी का लाभ पाने के लिए समय पर पूरी करें प्रक्रिया
रायगढ़ जिले में जारी चौथी सूची से 721 किसानों को कर्जमाफी की प्रक्रिया में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। प्रशासन ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे संबंधित बैंक शाखा, विकास संस्थानों या ग्राम पंचायत में सूची की जांच करें और नजदीकी महा-ई-सेवा केंद्र या CSC पर जाकर आधार प्रमाणीकरण पूरा करें। आधार प्रमाणीकरण के बाद नियमानुसार कर्जमाफी की राशि किसानों के ऋण खातों में जमा की जाएगी।
ऐसे में पात्र किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपने ऋण विवरण की पुष्टि करें और निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करें, ताकि योजना का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक देरी न हो।



