
सत्ता में हैं तो शांत न बैठें, अन्याय के खिलाफ सड़क पर उतरें: रामदास आठवले
Don’t sit quietly just because you are in power take to the streets against injustice: Ramdas Athawale
महाराष्ट्र, मुंबई: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी संघर्ष करने वाली और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी है। सत्ता में होने के बावजूद यदि कहीं अन्याय होता है तो कार्यकर्ताओं को चुप नहीं बैठना चाहिए, बल्कि अन्याय के खिलाफ सड़क पर उतरकर संघर्ष करना चाहिए। नवी मुंबई के विष्णुदास भावे नाट्यगृह में रिपब्लिकन पार्टी के 69वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं में अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत है और इस ताकत का इस्तेमाल समाज के हित में किया जाना चाहिए। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नाट्यगृह के बाहर भी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ दिखाई दी। कार्यक्रम का उत्कृष्ट आयोजन रिपब्लिकन पार्टी के नवी मुंबई जिलाध्यक्ष महेश खरे ने किया। सम्मेलन में महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पार्टी के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले, उनकी पत्नी सीमाताई आठवले और पुत्र जीत आठवले का भव्य सत्कार किया गया। कार्यक्रम के संयोजक महेश खरे और वरिष्ठ नेता सिद्राम ओव्हाळ का भी रामदास आठवले के हाथों सम्मान किया गया।
कार्यकर्ता सम्मेलन की अध्यक्षता रिपब्लिकन पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष राजा सरवदे ने की। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश महातेकर, काकासाहेब खंबाळकर, बाबुराव कदम, गौतम सोनवणे, युवक आघाड़ी के प्रदेश अध्यक्ष पप्पू कागदे, एम. एस. नंदा, सुरेश बारसिंग, दयाल बहादुर, मुंबई अध्यक्ष सिद्धार्थ कासारे, विनोद निकाळजे, डी. एम. चव्हाण, अशोक गायकवाड़, सूर्यकांत वाघमारे, पुणे के उपमहापौर परशुराम वाडेकर सहित अनेक नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। महिला आघाड़ी की फुलाबाई सोनवणे, आशाताई लांडगे, अभयाताई सोनवणे, शिलाताई गांगुर्डे, उषाताई रामलू और नवी मुंबई महिला आघाड़ी जिलाध्यक्ष शिलाताई बोदडे सहित कई महिला पदाधिकारी भी मौजूद थीं।
सभी समाजों को पार्टी से जोड़ने पर जोर
रामदास आठवले ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी को केवल बौद्ध समाज या किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के व्यापक विचारों और उनके खुले पत्र के आधार पर पार्टी को सभी समाजों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी जाति और धर्म के लोगों को रिपब्लिकन पार्टी से जोड़कर संगठन को व्यापक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद रिपब्लिकन पार्टी का संगठन देश के 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि नागालैंड और मणिपुर में पार्टी को मान्यता मिली है और गन्ना किसान चुनाव चिन्ह प्राप्त हुआ है।
सूखा प्रभावित किसानों की मदद का संकल्प
आठवले ने सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों और खेत मजदूरों के साथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि महाड और चवदार तालाब क्रांति की शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रस्तावित समता क्रांति मार्च को सूखे की गंभीर स्थिति के कारण रद्द किया गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्यभर से 100 ट्रक जीवनावश्यक वस्तुएं एकत्र कर भेजने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी आर्थिक रूप से भले ही सीमित संसाधनों वाली हो, लेकिन कार्यकर्ताओं की एकजुटता से जरूरतमंद किसानों और मजदूरों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।
आठवले ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि “किसानों के खेत जल गए हैं, लेकिन सरकार भागने वाली नहीं है। सरकार किसानों को निश्चित रूप से मदद करेगी।”
“हम कॉकरोच नहीं, पैंथर हैं”
अपने संबोधन में रामदास आठवले ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि “हम कॉकरोच नहीं, पैंथर हैं।” उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत को पहचानना और उसे संगठन के विस्तार में इस्तेमाल करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत रूप से अनावश्यक टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी।
स्थानीय चुनावों में ताकत दिखाने का आह्वान
रामदास आठवले ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर चुनाव में दूसरे सहयोगी दलों के पीछे चलने के बजाय रिपब्लिकन पार्टी को अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत करनी चाहिए। आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में पार्टी की ताकत दिखाने और अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए अभी से संगठनात्मक तैयारी शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को केवल पार्टी का समर्थन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मतदाताओं को पार्टी से जोड़कर अपने उम्मीदवारों को विजयी बनाने की क्षमता विकसित करनी होगी। इसके लिए उन्होंने सभी समाज के लोगों को साथ लेकर पार्टी संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यकर्ता सम्मेलन में रिपब्लिकन पार्टी के स्थापना दिवस को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। नेताओं ने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सामाजिक न्याय के आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।



