राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT रिपोर्ट पर संतों की प्रतिक्रिया, 105 घटनाओं से उठे सवाल
Saints react to the SIT report on the Ram Mandir offering theft case 105 incidents raise questions.

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में SIT की रिपोर्ट सामने आने के बाद संतों की प्रतिक्रिया सामने आई है। SIT की जांच में CCTV फुटेज के आधार पर 105 ऐसी घटनाओं की जानकारी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई, जिनमें बिना अनुमति नकदी हटाने या चोरी किए जाने का आरोप है। इससे पहले शुरुआती जांच में 70 घटनाओं का उल्लेख किया गया था। अब घटनाओं की संख्या बढ़कर 105 सामने आने के बाद संतों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। वहीं, SIT ने अन्य साक्ष्यों के साथ CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और दान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में SIT की जांच के बाद अब संतों की प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को SIT की जांच की प्रगति की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर परिसर में CCTV फुटेज की जांच के दौरान चढ़ावे की रकम की गिनती और रखरखाव से जुड़े स्थानों से बिना अनुमति नकदी हटाने या चोरी की 105 कथित घटनाएं सामने आई हैं। खास बात यह है कि इससे पहले शुरुआती SIT जांच में 70 घटनाओं का जिक्र किया गया था। अब विस्तृत जांच के दौरान यह संख्या 105 तक पहुंची है। जांच टीम ने CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान, दान से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल लॉग और बैंकिंग दस्तावेजों की भी जांच की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संतों ने भी जांच की पारदर्शिता पर जोर दिया है। संत करपात्री महाराज का कहना है कि CCTV फुटेज में 105 घटनाओं का सामने आना गंभीर विषय है। उनका कहना है कि यदि घटनाओं से जुड़े फुटेज और तस्वीरें उपलब्ध हैं तो मामले से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच को पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही। वहीं संत वरुण दास ने कहा कि अगर जांच में घटनाओं की संख्या बढ़कर 105 सामने आई है तो पूरे मामले की विस्तृत जांच जरूरी है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे राम मंदिर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया।
महंत अनिरुद्धदेव दास ने भी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पहले भी मामले की सच्चाई सामने लाने की बात कही गई थी। अब SIT की रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की जांच की स्थिति की जानकारी दी। सरकार ने अदालत को बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
SIT की रिपोर्ट में मंदिर को मिले कुछ कीमती दान के संबंध में भी जांच की गई है। सुप्रीम कोर्ट में रखी गई जानकारी के अनुसार 200 किलोग्राम और 38.288 किलोग्राम चांदी की ईंटों समेत कुछ अन्य कीमती दान सामग्री के रखरखाव में SIT को कोई विसंगति नहीं मिली। अब पूरे मामले में निगाहें SIT की चार्जशीट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। 105 कथित घटनाओं से जुड़े CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी। अंतिम तौर पर किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष अदालत और जांच की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।



