गांव में ही मिल रहा रोजगार का हुनर, ट्रेनिंग के साथ किट और लोन की सुविधा
Acquiring employable skills right in the village training accompanied by kits and loan facilities.

हरियाणा, जींद: जींद के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से विशेष पहल की जा रही है। जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाने वाली महिलाओं को गांव में ही नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रधाना गांव में आयोजित 14 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को सॉफ्ट टॉयज बनाने और उनकी मार्केटिंग की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षक रोहित के अनुसार, इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु के महिला और पुरुष प्रशिक्षण ले सकते हैं। पंजाब नेशनल बैंक की ओर से करीब 70 प्रकार के व्यावसायिक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान भोजन, ड्रेस, अध्ययन सामग्री और कच्चा माल भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा के आधार पर प्रमाणपत्र या डिप्लोमा दिया जाता है। इसके बाद सरकारी योजनाओं के तहत स्वरोजगार शुरू करने के लिए ₹50 हजार से ₹2 लाख तक के बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। महिलाओं को अपने उत्पाद ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। रोहित ने बताया कि वर्ष 2013 से संचालित संस्थान के माध्यम से अब तक 500 से 600 लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाया जा चुका है। ग्रामीण महिलाओं के लिए गांव में ही ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग आयोजित की जाती है, जिसमें करीब 35 अभ्यर्थियों का समूह बनाया जाता है।
प्रशिक्षक उर्मिला ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं में हुनर की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन की है। प्रशिक्षण के बाद करीब 30 से 40 प्रतिशत महिलाएं तुरंत अपना काम शुरू कर देती हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाती हैं। रधाना में प्रशिक्षण ले रहीं महिलाओं ने भी इस पहल को सराहनीय बताया। उनका कहना है कि गांव में ही नि:शुल्क प्रशिक्षण, भोजन और सामग्री मिलने से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला है।



