सहारनपुर के गोमय दीपकों से जगमगाएगा राम मंदिर, 5100 दीपक तैयार
Ram Mandir to be illuminated with cow-dung lamps from Saharanpur; 5,100 lamps prepared

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में तैयार किए गए गोमय दीपक इस दीपावली अयोध्या के राम मंदिर में रोशनी बिखेरेंगे। नगर निगम की मां शाकंभरी कान्हा पावन गौशाला में दीपोत्सव के लिए 5100 गोमय दीपक तैयार किए गए हैं। इन दीपकों को अयोध्या भेजा जाएगा, जहां दीपोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम के मंदिर परिसर को रोशन करने में इनका उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि गोमय दीपकों की मांग केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर से लोग ऑनलाइन माध्यम से भी इन्हें मंगवा रहे हैं। गौशाला में दीपकों का निर्माण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में किया जा रहा है। सहारनपुर नगर निगम की मां शाकंभरी कान्हा पावन गौशाला में गोमय दीपक तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। यहां गाय के गोबर से दीपक बनाए जा रहे हैं, जिन्हें दीपावली और धार्मिक आयोजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बार गौशाला में तैयार किए गए 5100 दीपकों को अयोध्या के दीपोत्सव के लिए भेजने की तैयारी है। इन दीपकों के माध्यम से सहारनपुर की गौशाला से अयोध्या में होने वाले भव्य आयोजन में योगदान दिया जाएगा।
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अयोध्या दीपोत्सव के लिए विशेष तैयारी
अयोध्या में दीपावली के अवसर पर दीपोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। भगवान श्रीराम की नगरी में दीप जलाकर उत्सव मनाने की परंपरा के बीच सहारनपुर में तैयार गोमय दीपकों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। नगर निगम की गौशाला में बनाए गए ये दीपक अयोध्या भेजे जाएंगे, जिससे वहां दीपोत्सव के दौरान इनका उपयोग किया जा सके। गोमय दीपकों की विशेषता यह है कि इन्हें गाय के गोबर से तैयार किया जाता है। गौशाला में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर दीपक तैयार करने से गोबर को उपयोगी उत्पाद में बदलने का अवसर मिलता है। इससे गौशाला में संचालित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। दीपकों के निर्माण के जरिए धार्मिक आयोजन के लिए सामग्री तैयार करने के साथ-साथ गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के आवास पर भी भेजे जाएंगे दीपक
इस पहल की खास बात यह है कि सहारनपुर में तैयार गोमय दीपक अयोध्या के राम मंदिर के अलावा देश के प्रमुख नेताओं के आवास पर भी भेजे जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, ये दीपक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आवास पर भी भेजे जाएंगे। इस तरह गौशाला में तैयार दीपकों को देश के प्रमुख संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाने की योजना है। दीपावली के अवसर पर इन दीपकों का उपयोग पारंपरिक रोशनी के लिए किया जाएगा। इससे सहारनपुर में तैयार गोमय दीपकों को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन मिल रही देशभर से मांग
गोमय दीपकों की मांग लगातार बढ़ रही है। गौशाला में तैयार किए जा रहे दीपकों के लिए देशभर से ऑनलाइन माध्यम से ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे पता चलता है कि लोग दीपावली जैसे त्योहारों पर पारंपरिक और गोमय से बने दीपकों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। गौशाला में दीपकों का निर्माण केवल स्थानीय स्तर पर उपयोग के लिए नहीं किया जा रहा, बल्कि इन्हें दूसरे शहरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने की तैयारी भी है। अयोध्या के दीपोत्सव के लिए 5100 दीपकों का तैयार होना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऑनलाइन मांग के चलते गौशाला में तैयार उत्पादों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का अवसर भी मिल रहा है।
गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
नगर निगम की मां शाकंभरी कान्हा पावन गौशाला में गोमय दीपकों का निर्माण आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जुड़ा है। गौशाला में गायों से प्राप्त गोबर का उपयोग दीपक बनाने के लिए किया जा रहा है। इस तरह गोबर को एक उपयोगी उत्पाद के रूप में तैयार कर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। गोमय दीपकों के निर्माण से गौशाला की गतिविधियों को बढ़ावा देने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है। दीपकों की बिक्री और ऑनलाइन मांग से गौशाला को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। इस पहल के जरिए गौशाला में तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
अयोध्या से जुड़ेगा सहारनपुर का योगदान
सहारनपुर में तैयार 5100 गोमय दीपकों को अयोध्या भेजने की तैयारी के साथ स्थानीय गौशाला का योगदान दीपोत्सव से जुड़ा रहा है। भगवान श्रीराम के मंदिर में दीपावली के अवसर पर रोशनी के लिए इन दीपकों का उपयोग किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के आवास पर भी दीपक भेजे जाने की योजना इस पहल को और खास बना रही है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा के मुताबिक, गौशाला में गोमय दीपकों का निर्माण किया जा रहा है और इन्हें दीपोत्सव के लिए तैयार किया गया है। देशभर से ऑनलाइन मांग मिलने के साथ गौशाला आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही है।
सहारनपुर की मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला में तैयार किए गए ये दीपक इस दीपावली अयोध्या के राम मंदिर में रोशनी फैलाने के साथ गोमय उत्पादों को बढ़ावा देने और गौशाला की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेंगे।



