शरद पवार ने CM को लिखा पत्र, बोले- बिना इंतजार तुरंत घोषित करें सूखा
Sharad Pawar writes to CM Fadnavis; says drought should be declared immediately without delay.
मुंबई, सान्वी देशपांडे: महाराष्ट्र में कम बारिश के चलते कई इलाकों में पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर गंभीर रूप से प्रभावित तालुकाओं में बिना औपचारिक सूखा मानदंड की प्रक्रिया का इंतजार किए तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की है। पवार ने प्रभावित किसानों और ग्रामीण आबादी के लिए तत्काल राहत उपाय लागू करने पर भी जोर दिया है।
शरद पवार ने तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की
शरद पवार ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों पर गंभीर असर पड़ा है। उनकी मांग है कि जिन तालुकाओं में स्थिति बेहद खराब है, वहां तत्काल सूखा घोषित कर राहत उपाय शुरू किए जाएं। पवार ने किसानों के लिए आर्थिक सहायता, कृषि कर्जमाफी, नए फसल ऋण और फसल बीमा सहित कई राहत उपायों की मांग रखी है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर कम से कम 50 हजार रुपये की सहायता और खेत मजदूर परिवारों के लिए भी आर्थिक मदद की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि कम बारिश के कारण सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, तूर, मूंग और उड़द जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही आने वाले समय में पीने के पानी और पशुओं के चारे की समस्या और गंभीर होने की आशंका जताई गई है।
CM फडणवीस बोले- सरकार पहले ही कर रही है तैयारी
शरद पवार की मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने सूखे और संभावित राहत उपायों को लेकर पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछली कैबिनेट बैठक में भी सूखे की संभावित स्थिति और किसानों को दी जाने वाली मदद पर चर्चा हुई थी।
CM फडणवीस ने कहा कि किसानों के लिए कर्जमाफी योजना पर काम चल रहा है और इसके तहत पात्र किसानों को मदद उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार मौजूदा परिस्थितियों को गंभीरता से देख रही है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
5 अक्टूबर के बाद होंगे पंचनामे
CM मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से NDRF के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 5 अक्टूबर के बाद फसल और सूखे की स्थिति के पंचनामे किए जाएंगे। हालांकि, राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाली सहायता का इंतजार किए बिना अपने स्तर पर राहत देने की तैयारी कर रही है।
सरकार की योजना के तहत प्रभावित किसानों को प्रत्यक्ष सहायता, ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की व्यवस्था और आवश्यकता वाले इलाकों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त करने के लिए राज्य की ओर से प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
पानी और चारे की व्यवस्था पर भी फोकस
सूखे की स्थिति में केवल फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती बन सकती है। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में इन दोनों मुद्दों पर भी तैयारी शुरू करने की बात कही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य के कई जिलों और तालुकाओं में बारिश के लंबे अंतराल के कारण फसलों पर असर पड़ा है और सरकार ने संभावित टंचाई से निपटने के लिए सर्वेक्षण एवं राहत उपायों की तैयारी शुरू की है।
पवार के सुझावों पर विचार करने की बात
CM फडणवीस ने यह भी कहा कि यदि शरद पवार की ओर से सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कोई और सुझाव दिए जाते हैं, तो सरकार उन्हें सुनेगी। इस तरह फिलहाल महाराष्ट्र में सूखे को लेकर एक तरफ तत्काल घोषणा और राहत की मांग सामने आई है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार ने निर्धारित प्रक्रिया के साथ-साथ अपने स्तर पर राहत उपाय शुरू करने की बात कही है।
आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति, फसल नुकसान के पंचनामे और प्रभावित तालुकाओं की वास्तविक स्थिति के आधार पर सरकार के अगले फैसले महत्वपूर्ण होंगे।



