राधा अष्टमी पर मणिमहेश धाम में भक्तों का सैलाब, डल झील में शाही स्नान
A grand confluence of faith at Manimahesh on Radha Ashtami; devotees took a holy dip in Dal Lake
हिमाचल प्रदेश: राधा अष्टमी के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा अपने महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव पर पहुंच गई है। आज पवित्र मणिमहेश डल झील में शाही स्नान शुरू हो गया। सुबह करीब 4 बजे पर्वी के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पवित्र डल झील में स्नान के लिए यहां पहुंचते हैं। राधा अष्टमी के अवसर पर होने वाला शाही स्नान यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में माना जाता है।

डल पार करने की पारंपरिक रस्म के बाद शुरू हुआ शाही स्नान
शाही स्नान से एक दिन पहले डल झील में पारंपरिक ‘डल तोड़ने’ की रस्म पूरी की गई। कल दोपहर बाद भगवान शिव के गुर यानी चेलों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ इस धार्मिक रस्म को निभाया। स्थानीय परंपरा में डल तोड़ने की रस्म को ‘डल पार करना’ कहा जाता है। इस रस्म के पूरा होने के बाद शाही स्नान की प्रक्रिया शुरू होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान श्रद्धालु पवित्र डल झील में स्नान कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
सुबह से ही डल झील के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़
शाही स्नान के लिए श्रद्धालु देर रात से ही डल झील के आसपास पहुंचने लगे थे। सुबह करीब 4 बजे पर्वी के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र झील में स्नान शुरू किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। कई श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति के लिए प्रार्थना की। यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
आज आधिकारिक रूप से मणिमहेश यात्रा का समापन
राधा अष्टमी के अवसर पर होने वाले शाही स्नान के साथ ही 4 सितंबर से शुरू हुई मणिमहेश यात्रा का आज आधिकारिक रूप से समापन हो रहा है। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से हेली टैक्सी सेवा 20 सितंबर तक जारी रखी जाएगी। यात्रा समाप्त होने के बावजूद आने वाले दिनों में भी कुछ श्रद्धालुओं के मणिमहेश पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की व्यवस्थाएं निर्धारित अवधि तक जारी रहेंगी।
अब तक करीब 1.25 लाख श्रद्धालु पहुंचे
इस वर्ष मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 1 लाख 25 हजार श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा कर चुके हैं। यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर अभी भी श्रद्धालुओं का आवागमन जारी है। यात्रा के दौरान जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई गईं। यात्रा मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर भी प्रशासन का ध्यान रहा।
आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
मणिमहेश यात्रा केवल धार्मिक आस्था का आयोजन ही नहीं, बल्कि हिमाचल की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर श्रद्धालु भगवान शिव के धाम तक पहुंचते हैं और पवित्र डल झील में स्नान कर अपनी यात्रा को आध्यात्मिक रूप से पूर्ण मानते हैं।
राधा अष्टमी के शाही स्नान के साथ इस वर्ष की यात्रा का मुख्य धार्मिक चरण पूरा हो गया है। हालांकि, हेली टैक्सी सेवा 20 सितंबर तक जारी रहने के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन की अतिरिक्त सुविधा मिलती रहेगी।



