महाराष्ट्र रेल नेटवर्क को मजबूती: चौक-कर्जत रेलमार्ग के दोहरीकरण को मंजूरी
Doubling of the Chauk-Karjat railway line in Maharashtra approved; ₹497 crore to be spent.
नवी मुंबई,सान्वी देशपांडे : महाराष्ट्र में रेल परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेलवे ने चौक-कर्जत रेलमार्ग के दोहरीकरण (Doubling) को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 497 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेल लाइन के दोहरीकरण से इस महत्वपूर्ण रेलखंड की परिचालन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में भी सुविधा होने की उम्मीद है।
रेलवे के अनुसार, पनवेल-चौक-कर्जत रेल मार्ग मुंबई महानगर क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रेल संपर्क प्रदान करता है। इस मार्ग पर यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मौजूदा रेल लाइन की क्षमता को देखते हुए दोहरीकरण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
दोनों दिशाओं में बढ़ेंगी रेल सेवाएं
चौक-कर्जत रेलमार्ग के दोहरीकरण का सबसे बड़ा फायदा रेल परिचालन की क्षमता में वृद्धि के रूप में सामने आएगा। रेलवे के मुताबिक, परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर दोनों दिशाओं में प्रतिदिन 5 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं संचालित करना संभव हो सकेगा। इससे मौजूदा रेल सेवाओं पर दबाव कम करने और भविष्य में यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुरूप अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। साथ ही, दोहरी रेल लाइन होने से ट्रेनों के संचालन में अधिक लचीलापन आने की संभावना है।
माल परिवहन क्षमता में भी बड़ा इजाफा
इस परियोजना का फायदा केवल यात्री रेल सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे के मुताबिक, चौक-कर्जत रेलखंड के दोहरीकरण के बाद इस मार्ग से हर वर्ष 1 करोड़ 83 लाख टन से अधिक अतिरिक्त मालवाहतूक संभव हो सकेगी। मालगाड़ियों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने से औद्योगिक आणि व्यावसायिक क्षेत्रों तक माल की आवाजाही अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इससे रेल के माध्यम से माल परिवहन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर जोर
भारतीय रेलवे की ओर से देशभर में महत्वपूर्ण रेल मार्गों के दोहरीकरण, विद्युतीकरण और क्षमता विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। चौक-कर्जत रेलमार्ग का दोहरीकरण भी इसी व्यापक क्षमता विस्तार का हिस्सा है। परियोजना पूरी होने के बाद इस क्षेत्र में रेल परिचालन को अधिक व्यवस्थित करने और भविष्य की यात्री एवं माल परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पनवेल, चौक और कर्जत को जोड़ने वाला यह रेलखंड मुंबई महानगर क्षेत्र तथा रायगढ़ जिले के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए इस परियोजना को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रेल क्षमता विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
रेलमार्ग का दोहरीकरण होने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए अधिक क्षमता उपलब्ध हो सकती है। इससे भविष्यात प्रवाशांच्या वाढत्या मागणीनुसार रेल्वे सेवा विस्तारण्यास मदत होईल. विशेषतः पनवेल-चौक-कर्जत मार्गावर नियमित प्रवास करणाऱ्या प्रवाशांना याचा फायदा होण्याची शक्यता आहे.
497 करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद चौक-कर्जत रेलखंड की परिचालन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। यात्री सेवाओं के साथ माल परिवहन क्षमता बढ़ने से यह रेल परियोजना महाराष्ट्र के इस क्षेत्र के परिवहन ढांचे के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



