भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी को मजबूती देने की तैयारी, CEPA वार्ता में तेजी
Fresh momentum for India-Canada trade ties; consensus reached to finalize CEPA soon.
मुंबई,: भारत और कनाडा के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ मुलाकात कर भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement-CEPA) की वार्ता को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने बातचीत में तेजी लाने और समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
CEPA को जल्द पूरा करने पर जोर
बैठक का प्रमुख केंद्र भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित CEPA रहा। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर बातचीत का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश के लिए अधिक व्यापक और बेहतर बाजार पहुंच तैयार करना है। कनाडा के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों ने वर्ष 2026 के अंत तक CEPA वार्ता पूरी करने का साझा लक्ष्य रखा है।
CEPA के लागू होने से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ-साथ निवेश के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की संभावना है। समझौते के तहत दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के लिए बाजार पहुंच को बेहतर बनाने, व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा जारी है।
व्यापार और निवेश को मिलेगी नई दिशा
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों में पिछले कुछ समय में फिर से सक्रियता देखने को मिली है। मई 2026 में भी पीयूष गोयल और मनिंदर सिद्धू के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई थी, जिसमें CEPA के साथ-साथ व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा हुई थी। दोनों पक्षों ने उस समय भी वर्ष के अंत तक समझौते को पूरा करने की साझा इच्छा व्यक्त की थी।
कनाडा के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 30.4 अरब कनाडाई डॉलर रहा। कनाडा ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर वार्षिक तक पहुंचाने का लक्ष्य भी व्यक्त किया है।
वस्तुओं, सेवाओं और निवेश पर फोकस
प्रस्तावित CEPA को व्यापक आर्थिक सहयोग के ढांचे के रूप में देखा जा रहा है। इसके तहत दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ाने के साथ निवेश के अवसरों को भी विस्तार देने पर जोर है। दोनों पक्षों के लिए बाजार पहुंच, व्यापार सुगमता और कारोबारी सहयोग जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं।
भारत और कनाडा के बीच स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि-खाद्य, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं सामने आई हैं। मई में दोनों देशों के व्यापार मंत्रियों की संयुक्त बातचीत में इन क्षेत्रों को द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के संभावित क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया था।
चौथे दौर की वार्ता भी पूरी
सितंबर 2026 में भारत और कनाडा के बीच CEPA वार्ता का चौथा दौर भी पूरा हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, 14 से 19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने समझौते को आगे बढ़ाने और अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। पीयूष गोयल और मनिंदर सिद्धू की ताजा बैठक को इसी वार्ता प्रक्रिया को राजनीतिक और मंत्रीस्तरीय स्तर पर गति देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों की ओर से CEPA को लेकर लगातार साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की जा रही है।
भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी का अगला चरण
CEPA वार्ता में प्रगति भारत और कनाडा के कारोबारी संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। दोनों देश व्यापार एवं निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ नई आर्थिक साझेदारियों की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।
आने वाले समय में CEPA के विभिन्न अध्यायों पर बातचीत, बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। दोनों सरकारों का लक्ष्य ऐसा व्यापक आर्थिक समझौता तैयार करना है जो दोनों देशों के व्यवसायों और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर सके।
कुल मिलाकर, पीयूष गोयल और मनिंदर सिद्धू की बैठक ने भारत-कनाडा CEPA वार्ता को आगे बढ़ाने के दोनों देशों के इरादे को स्पष्ट किया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि शेष बातचीत कितनी तेजी से पूरी होती है और प्रस्तावित समझौता अंतिम रूप कब लेता है।



