SAARC को फिर सक्रिय करने की पहल: बांग्लादेश ने भूटान से मांगा समर्थन
Initiative to Revitalize SAARC: Bangladesh Seeks Bhutan's Support
ढाका: दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देने की दिशा में बांग्लादेश ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन SAARC (South Asian Association for Regional Cooperation) को फिर से सक्रिय करने के लिए भूटान का समर्थन मांगा है। यह मुद्दा भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के ढाका में संक्षिप्त ठहराव के दौरान उठाया गया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ आपसी हितों और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
ढाका एयरपोर्ट पर भूटानी प्रधानमंत्री का स्वागत
भूटानी प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के ढाका पहुंचने पर बांग्लादेश के स्थानीय सरकार मंत्री डॉ. अब्दुल मोईन खान और विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद वीवीआईपी लाउंज में दोनों पक्षों के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई। बैठक के दौरान बांग्लादेश की ओर से दक्षिण एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसी क्रम में SAARC को पुनः सक्रिय करने के मुद्दे पर भूटान के समर्थन की मांग की गई। बांग्लादेश का मानना है कि क्षेत्रीय सहयोग के लिए SAARC को प्रभावी मंच के रूप में फिर से सक्रिय करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
द्विपक्षीय संबंधों और साझा हितों पर चर्चा
बैठक में बांग्लादेश और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी याद किया गया। दोनों देशों के बीच संबंधों की शुरुआत बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम के दौर से जुड़ी है। भूटान 1971 में बांग्लादेश को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने वाला पहला देश बना था। इस ऐतिहासिक संबंध को दोनों देशों के बीच मौजूदा सहयोग की महत्वपूर्ण नींव के रूप में देखा जाता है। बातचीत में आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना में सहयोग की इच्छा
बांग्लादेश ने भूटान की महत्वाकांक्षी गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के विकास में भी सहयोग की इच्छा जताई। बांग्लादेश की ओर से इस परियोजना के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की पेशकश की गई। गेलेफू परियोजना को भूटान के दीर्घकालिक विकास और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में बांग्लादेश द्वारा मानव संसाधन और विशेषज्ञता के स्तर पर सहयोग की इच्छा दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं विकासात्मक साझेदारी को विस्तार देने की दिशा में एक संभावित कदम है।
करीब एक घंटे ढाका में रुके भूटानी प्रधानमंत्री
भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे करीब एक घंटे तक ढाका एयरपोर्ट के वीवीआईपी लाउंज में रुके। इस दौरान हुई बातचीत में SAARC को पुनर्जीवित करने के प्रस्ताव के साथ-साथ बांग्लादेश-भूटान द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग के मुद्दे प्रमुख रहे। इसके बाद भूटानी प्रधानमंत्री जर्मनी के लिए रवाना हो गए। SAARC को सक्रिय करने के लिए बांग्लादेश की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दक्षिण एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापार, मानव संसाधन और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की जरूरत पर लगातार चर्चा होती रही है। भूटान का समर्थन इस दिशा में बांग्लादेश की क्षेत्रीय सहयोग संबंधी पहल के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।



