
सातारा जिले में 5 अक्टूबर और 7 दिसंबर को ‘महात्मा फुले राजस्व लोक अदालत’
'Mahatma Phule Revenue Lok Adalat' on 5th October and 7th December in Satara District.
महाराष्ट्र,सातारा: भूमि से जुड़े लंबित राजस्व मामलों को आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से स्थायी रूप से निपटाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार के निर्देश पर ‘महात्मा ज्योतिराव फुले राजस्व लोक अदालत अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सातारा जिले में 5 अक्टूबर 2026 और 7 दिसंबर 2026 को राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी विठ्ठल इनामदार ने जिले के नागरिकों से इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। राजस्व प्रशासन के विभिन्न अर्ध-न्यायिक न्यायालयों में भूमि से संबंधित बड़ी संख्या में राजस्व दावे और विवाद लंबित रहते हैं। मंडल अधिकारी, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी, उपजिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और जिलाधिकारी स्तर के न्यायालयों में ऐसे मामले सुनवाई के लिए आते हैं। किसी मामले में एक स्तर पर फैसला होने के बाद यदि कोई पक्ष उससे असंतुष्ट होता है, तो वह वरिष्ठ न्यायालय में अपील या पुनरीक्षण आवेदन दाखिल करता है। इसके कारण कई मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं। इससे संबंधित पक्षकारों का समय और खर्च बढ़ता है तथा राजस्व विभाग की अर्ध-न्यायिक व्यवस्था पर भी काम का बोझ बढ़ता है। इसी स्थिति को देखते हुए लोक अदालत की तर्ज पर इस अभियान के माध्यम से दोनों पक्षों की आपसी सहमति और समझौते से मामलों का अंतिम निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
पक्षकारों का समय और खर्च बचेगा
अभियान का प्रमुख उद्देश्य लंबित राजस्व मामलों का त्वरित और समझौते के आधार पर समाधान करना है। इससे संबंधित पक्षकारों को लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया में रहने से राहत मिल सकती है और उनके समय एवं आर्थिक खर्च की बचत होगी। साथ ही, लंबित मामलों के निपटारे से राजस्व विभाग के अर्ध-न्यायिक न्यायालयों पर मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिलेगी।
महात्मा ज्योतिराव फुले के विचारों से प्रेरित अभियान
अभियान को क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिराव फुले के विचारों से जोड़ते हुए आयोजित किया जा रहा है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचाना उनके विचारों का महत्वपूर्ण हिस्सा था। किसानों और समाज के वंचित वर्गों के लिए महात्मा फुले के कार्यों को आज भी प्रेरणादायी माना जाता है। उनकी द्विशताब्दी जयंती वर्ष के अवसर पर राज्य के राजस्व विभाग में लंबित अर्ध-न्यायिक मामलों का त्वरित और आपसी सहमति से निपटारा करने के उद्देश्य से यह अभियान आयोजित किया जा रहा है।
सातारा में विभिन्न स्तरों पर लोक अदालत
सातारा जिले में अपर जिलाधिकारी, सभी उपविभागीय अधिकारियों और सभी तहसीलदारों के स्तर पर राजस्व लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस अभियान के तहत मंडल अधिकारी, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी, उपजिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी के समक्ष लंबित अर्ध-न्यायिक मामलों को संबंधित पक्षकारों की आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अंतिम रूप से निपटाने की कार्रवाई की जाएगी।
पक्षकारों से आवेदन करने की अपील
जिन नागरिकों के भूमि संबंधी राजस्व मामले संबंधित स्तर पर लंबित हैं, वे इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए संबंधित मंडल अधिकारी, तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी, उपजिलाधिकारी या अपर जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। अपर जिलाधिकारी विठ्ठल इनामदार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और आपसी सहमति से लंबित राजस्व विवादों का समाधान कर समय, खर्च और प्रशासनिक प्रक्रिया के बोझ को कम करने में सहयोग करें।
जिला: सातारा, महाराष्ट्र
उद्देश्य: भूमि संबंधी लंबित राजस्व मामलों का आपसी सहमति और समझौते से निपटारा
आवेदन: संबंधित राजस्व अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में



