पीएम मोदी ने साझा किया जोहो के श्रीधर वेम्बू का डीप-टेक पर लेख
PM Modi shared an article on deep-tech by Zoho's Sridhar Vembu.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहो के चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बू द्वारा लिखे गए एक लेख को सोशल मीडिया पर साझा किया है। लेख में भारत की तेजी से विकसित हो रही डीप-टेक क्षमताओं और सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे रणनीतिक तकनीकी क्षेत्रों में देश में हो रहे विकास को रेखांकित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने लेख साझा करते हुए कहा कि यह भारत की तेजी से बदलती डीप-टेक क्षमता को दर्शाता है। उनके अनुसार, भारत अब कठिन तकनीकी क्षेत्रों में सीखने और क्षमताएं विकसित करने का काम अधिक स्तर पर स्वयं करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सेमीकंडक्टर से लेकर अंतरिक्ष तक का उल्लेख
श्रीधर वेम्बू के लेख में भारत में हाई-टेक क्षेत्रों में विकसित हो रही क्षमताओं के विभिन्न उदाहरणों का उल्लेख किया गया है। इनमें सेमीकंडक्टर निर्माण, निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष गतिविधियां, रक्षा उपकरणों का विकास और AI जैसे क्षेत्र शामिल हैं। लेख में इस बदलाव को भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता के विस्तार के संदर्भ में देखा गया है। लेख में यह भी चर्चा की गई है कि भारत में पहले जिन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तकनीकी क्षमताएं विकसित करना कठिन माना जाता था, उनमें अब घरेलू कंपनियां और संस्थान काम कर रहे हैं। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और उत्पादन क्षमता के विकास को इसका एक उदाहरण बताया गया है।
डीप-टेक पर बढ़ता फोकस
डीप-टेक में आम तौर पर ऐसी तकनीकें शामिल होती हैं जिनके पीछे गहन वैज्ञानिक अनुसंधान और इंजीनियरिंग की आवश्यकता होती है। सेमीकंडक्टर, AI, अंतरिक्ष तकनीक और उन्नत रक्षा प्रणालियां इसके प्रमुख उदाहरणों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के प्रमुख CEOs के साथ बैठक में भी भारत की अगली तकनीकी विकास यात्रा में उद्योग की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया था। सरकार ने सेमीकंडक्टर के साथ-साथ उभरती तकनीकों में भारत की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
AI और भविष्य की तकनीक पर जोर
भारत में AI के विकास को लेकर भी सरकार ने बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता, कौशल विकास और अनुसंधान पर जोर देने की बात कही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, भारत का लक्ष्य AI को केवल इस्तेमाल करने वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि AI तकनीक और समाधान विकसित करने वाले देश के रूप में आगे बढ़ाना है। श्रीधर वेम्बू के लेख को साझा किए जाने से एक बार फिर भारत की डीप-टेक, स्वदेशी तकनीकी क्षमता और हाई-टेक विनिर्माण पर चर्चा तेज हुई है। लेख में तकनीकी क्षमता विकसित करने के लिए दीर्घकालिक निवेश, अनुसंधान और लगातार सीखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीधर वेम्बू के लेख को साझा किया जाना भारत की डीप-टेक क्षमता और स्वदेशी तकनीकी विकास पर बढ़ते फोकस को रेखांकित करता है। सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में घरेलू स्तर पर अनुसंधान, निर्माण और विशेषज्ञता विकसित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। डीप-टेक के क्षेत्र में दीर्घकालिक सफलता के लिए अनुसंधान, प्रतिभा विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग और निरंतर तकनीकी नवाचार महत्वपूर्ण होंगे। इन क्षेत्रों में मजबूत क्षमताएं विकसित होने से भारत की तकनीकी और औद्योगिक पारिस्थितिकी को आगे बढ़ाने के अवसर बन सकते हैं।


