देशभर में शुरू हुआ ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान
‘Swachhata Hi Seva 2026’ campaign launched nationwide.

नई दिल्ली: देशभर में आज से ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ की शुरुआत हो गई है। इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को केवल सरकारी जिम्मेदारी तक सीमित न रखते हुए इसमें आम नागरिकों की भागीदारी को और मजबूत करना है। जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने, नागरिकों को जिम्मेदार बनाने और स्वच्छता गतिविधियों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
कचरे के स्रोत पर पृथक्करण पर विशेष जोर
इस वर्ष ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करने को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत घरों, संस्थानों और अन्य स्थानों पर कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। अभियान का जोर इस बात पर है कि कचरा पैदा होने के स्थान पर ही उसका स्रोत पर पृथक्करण किया जाए। इससे कचरे के बेहतर प्रबंधन, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण में मदद मिल सकती है।
री-यूज और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा
अभियान के तहत लोगों को केवल सफाई रखने के लिए ही नहीं, बल्कि कचरे के उचित प्रबंधन के लिए भी जागरूक किया जाएगा। घर और संस्थान के स्तर पर कचरे को अलग करने के साथ-साथ उपयोगी सामग्री के पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, ऐसे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने पर जोर दिया जाएगा, जिसे दोबारा इस्तेमाल या रिसाइकिल नहीं किया जा सकता।
जनभागीदारी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में जनभागीदारी को प्रमुख आधार बनाया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों, स्थानीय संस्थाओं और विभिन्न संगठनों को स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ना है। अभियान के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई अभियान, जागरूकता गतिविधियां और कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके जरिए स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत और सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
अयोध्या में विशेष सफाई अभियान
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के तहत सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर ध्यान दिया गया। अयोध्या सहित देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों के माध्यम से अभियान को व्यापक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के प्रमुख फोकस पॉइंट
- देशभर में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 की शुरुआत।
- इस वर्ष की थीम — ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’।
- जनभागीदारी को अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया।
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 और कचरे के स्रोत पर पृथक्करण पर जोर।
- घर और संस्थानों में कचरे को अलग-अलग करने के लिए जागरूकता।
- कचरे के पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा।
- कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर।
- उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विशेष सफाई अभियान आयोजित।
स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय जनभागीदारी से जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारी बनाना है। कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण जैसे उपायों पर जोर देकर अभियान के जरिए स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान की सफलता केवल सफाई अभियानों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि हर नागरिक द्वारा स्वच्छता की जिम्मेदारी निभाने और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाने पर निर्भर करेगी। ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ की भावना के साथ जनभागीदारी बढ़ती है, तो स्वच्छ और बेहतर भारत के लक्ष्य को मजबूत आधार मिल सकता है।


