हापुड़ में अवैध निर्माण के खिलाफ चला बुलडोजर, पांच स्थानों पर बड़ी कार्रवाई
Let's bulldozer against illegal construction in Hapur, big action at five places

हापुड़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत विकास के खिलाफ हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने पुलिस बल के सहयोग से पिलखुवा क्षेत्र में अलग-अलग पांच स्थानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 40 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित स्थानों पर बिना आवश्यक स्वीकृति और मानचित्र के विकास कार्य किए जा रहे थे।
पांच स्थानों पर चला बुलडोजर
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टीम ने पिलखुवा क्षेत्र में चिन्हित किए गए पांच स्थानों पर कार्रवाई की। इनमें खैरपुर-दहपा रोड स्थित अचपल गढ़ी में करीब 4 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा चकरोड खैरपुर में करीब 3,800 वर्ग मीटर क्षेत्र में की जा रही प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई। वहीं चंडी मंदिर-खैरपुर मार्ग पर करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर चलाकर हटाया गया।
इसी मार्ग पर एक अन्य स्थान पर करीब 4 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त किया गया। इसके अलावा वाल्मीकि चौक-जटपुरा मार्ग पर करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही प्लाटिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
मौके पर किए गए विकास कार्य भी हटाए
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने केवल प्लाटिंग ही नहीं, बल्कि मौके पर किए गए विभिन्न विकास कार्यों को भी हटा दिया। अवैध रूप से विकसित किए जा रहे रास्ते और अन्य निर्माण/विकास कार्यों को मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अनधिकृत तरीके से कॉलोनी विकसित करने की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी। बिना स्वीकृत मानचित्र के प्लाटिंग या निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से की गई सतर्क रहने की अपील
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने आम लोगों से भी अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले संबंधित परियोजना और मानचित्र की स्वीकृति की जानकारी जरूर लें। अधिकारियों ने कहा कि मानचित्र स्वीकृत होने के बाद ही निर्माण या विकास कार्य कराया जाना चाहिए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे मामलों में कार्रवाई का उद्देश्य अनियोजित विकास पर रोक लगाना और क्षेत्र में नियोजित तरीके से विकास सुनिश्चित करना है।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के सचिव अमित कात्यान ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा पुलिस बल के सहयोग से यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नियमानुसार अभियान आगे भी जारी रहेगा।



