
मायावती के एक्शन के बाद अशोक सिद्धार्थ ने लिया राजनीति से संन्यास
After Mayawati's action, Ashok Siddharth retired from politics
नई दिल्ली, 10 सितंबर: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। बसपा सुप्रीमो मायावती की आपत्ति के बाद आकाश आनंद के ससुर और पूर्व बसपा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अशोक सिद्धार्थ ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने मायावती को संबोधित करते हुए लिखा कि “बहन जी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम है।
अपने पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ ने उन आरोपों को साजिश बताया, जिनमें उन पर आकाश आनंद को गुमराह करने और पार्टी पर कब्जे की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को आकाश आनंद की पार्टी में वापसी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि अगर उनकी मौजूदगी बहुजन मिशन को किसी भी तरह नुकसान पहुंचा रही है, तो वह तुरंत राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं।
यह घटनाक्रम बसपा और आकाश आनंद से जुड़े हालिया विवाद के बीच सामने आया है। आकाश आनंद पहले मायावती के भतीजे के रूप में पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहे और बाद में मायावती के परिवार से वैवाहिक संबंध भी जुड़े।
⚡ क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
अशोक सिद्धार्थ का यह फैसला बसपा के भीतर चल रहे मतभेदों और नेतृत्व से जुड़े विवादों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर आकाश आनंद को लेकर पार्टी नेतृत्व के रुख और उनके राजनीतिक भविष्य पर लगातार चर्चा होती रही है। अब अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के ऐलान के बाद सवाल यह है कि क्या इससे आकाश आनंद और मायावती के बीच राजनीतिक समीकरणों पर कोई असर पड़ेगा?
फिलहाल अशोक सिद्धार्थ ने अपने बयान में साफ किया है कि उनके फैसले को आकाश आनंद की वापसी से जोड़ना उचित नहीं होगा। अशोक सिद्धार्थ का राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान बसपा की अंदरूनी राजनीति में एक अहम घटनाक्रम है। उनका “बहन जी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम है” वाला बयान मायावती के प्रति अपनी निष्ठा को स्पष्ट करता है। अब नजर इस बात पर होगी कि बसपा नेतृत्व और आकाश आनंद की ओर से इस घटनाक्रम पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है।



