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“MPSC पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट: 77 सवालों के मिलान का दावा, इस्तीफे की मांग”

Major update in MPSC paper leak case: Claim of 77 questions matching; resignation demanded.

महाराष्ट्र, मुंबई; 9 सितंबर 2026 तक MPSC कथित पेपर लीक/परीक्षा गड़बड़ी मामले में बड़ा अपडेट यह है कि मामला अब केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों ने आयोग की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।

MPSC कथित पेपर लीक: आज का बड़ा अपडेट

ड्रग इंस्पेक्टर (Group-B) परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद महाराष्ट्र में MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। मुंबई पुलिस ने मामले में MPSC के अधिकारियों समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया था और आयोग ने संबंधित भर्ती प्रक्रिया रद्द कर नई परीक्षा कराने का फैसला किया है।

पुणे में हजारों अभ्यर्थियों ने मार्च निकालकर MPSC अध्यक्ष विवेक भिमनवार और सचिव के इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग रखी है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

अभ्यर्थियों की मांगों में MPSC अध्यक्ष और सचिव का इस्तीफा, कथित पेपर लीक की फॉरेंसिक जांच, क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना और आरोपी अधिकारियों से जुड़ी परीक्षाओं का ऑडिट शामिल है। इसके अलावा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित Group-C प्रारंभिक परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की मांग भी की गई है।

जांच में 77 प्रश्नों का मामला सामने आया

आज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा की कथित पेपरफुटी की जांच में 294 संदिग्ध प्रश्नों की सूची में से 77 प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र में आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके विकल्प भी मेल खाते पाए जाने का दावा है। जांच में एक MPSC अधिकारी से जुड़े लैपटॉप को लेकर भी जांच चल रही है और साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। यह जांच से जुड़ा दावा है, इसे अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

छत्रपति संभाजीनगर में भी आंदोलन

MPSC में कथित गैरप्रकार और पेपर लीक के विरोध में छत्रपति संभाजीनगर में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे तथा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सरकार ने अभ्यर्थियों से मांगे सुझाव

इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में मौजूद खामियों की पहचान करने और सुधार के सुझाव लेने के लिए अभ्यर्थियों तथा अन्य हितधारकों को प्रक्रिया की समीक्षा में शामिल होने का आह्वान किया है। इसका उद्देश्य भविष्य की भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना बताया गया है।

कुल मिलाकर: MPSC मामले में अभी सबसे बड़ा मुद्दा पेपर लीक की जांच, आयोग की जवाबदेही और भविष्य की परीक्षाओं की पारदर्शिता है। छात्रों का आंदोलन राज्य के कई शहरों तक फैल चुका है और अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग लगातार उठ रही है।

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