महाराष्ट्र में DJ विवाद पर CM फडणवीस की दो टूक, संवाद से समाधान पर जोर
Chief Minister Fadnavis takes a firm stand on the DJ controversy in Maharashtra; emphasizes resolution through dialogue.
पुणे: महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान DJ और ध्वनि प्रदूषण को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को पुणे में महत्वपूर्ण बयान दिया। रिपोर्टरों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य त्योहारों की खुशियां और परंपराएं रोकना नहीं, बल्कि नॉइज़ पॉल्यूशन को नियंत्रित करना और त्योहारों को पारंपरिक एवं जिम्मेदार तरीके से मनाना है।
DJ पर प्रतिबंध को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान केवल आदेश जारी करने से नहीं, बल्कि लोगों को विश्वास में लेकर बातचीत के माध्यम से निकालना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार और प्रशासन स्थानीय स्तर पर लोगों की भावनाओं और त्योहारों की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों से बातचीत के बाद जारी किए जा रहे आदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि अलग-अलग जिलों में पुलिस और प्रशासन की ओर से पहले स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की जा रही है। प्रशासन लोगों की समस्याओं, सुझावों और त्योहारों से जुड़ी परंपराओं को समझने के बाद आवश्यक निर्णय ले रहा है। इसके बाद परिस्थितियों के अनुरूप आदेश जारी किए जा रहे हैं।
सरकार का प्रयास बताया जा रहा है कि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन कायम किया जाए। खासकर त्योहारों के दौरान तेज आवाज में DJ, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर अक्सर नागरिकों की ओर से शिकायतें सामने आती हैं। वहीं दूसरी तरफ धार्मिक और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पारंपरिक उत्सवों और जुलूसों में संगीत और वाद्ययंत्रों की अपनी अहम भूमिका होती है।
परंपरा भी कायम रहे और नियमों का पालन भी हो
मुख्यमंत्री के बयान से यह संकेत मिलता है कि सरकार इस पूरे मामले को केवल DJ बैन बनाम DJ की अनुमति के रूप में नहीं देख रही है। सरकार का जोर ऐसा रास्ता निकालने पर है, जिसमें त्योहारों का पारंपरिक उत्साह बरकरार रहे और साथ ही ध्वनि प्रदूषण से आम नागरिकों को होने वाली परेशानी को भी कम किया जा सके।
त्योहारों के दौरान अस्पतालों, बुजुर्गों, बच्चों, विद्यार्थियों और अन्य संवेदनशील वर्गों को तेज आवाज के कारण परेशानी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ ध्वनि नियंत्रण को लेकर भी बड़ी चुनौती रहती है।
संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर
मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में त्योहारों के दौरान DJ और ध्वनि की सीमा को लेकर चर्चा तेज है। मुख्यमंत्री ने जिस तरह लोगों को भरोसे में लेने और संवाद के जरिए रास्ता निकालने पर जोर दिया है, उससे साफ है कि सरकार स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की नीति पर आगे बढ़ना चाहती है।
अब देखना होगा कि अलग-अलग जिलों में पुलिस और प्रशासन की बैठकों के बाद किस तरह के स्थानीय आदेश जारी किए जाते हैं और त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण तथा पारंपरिक उत्सवों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है।
मुख्य बात यही है कि सरकार त्योहारों को रोकने के बजाय उन्हें नियमों और जिम्मेदारी के साथ मनाने पर जोर दे रही है।



