Trending

युवाओं के लिए रोजगार का महासंगम, 29 सितंबर को रोजगार महाकुंभ

A mega gathering for youth employment: 'Rojgar Mahakumbh' in Maharashtra on September 29.

मुंबई/सान्वी देशपांडे: राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 29 सितंबर को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने के लिए राज्य के कौशल विकास विभाग और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

इसी सिलसिले में दोनों विभागों की ओर से राज्यभर में ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल तथा कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित संबंधित अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में रोजगार महाकुंभ की तैयारियों, युवाओं की भागीदारी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

राज्यभर में 1,000 से अधिक रोजगार मेले आयोजित करने का लक्ष्य

इस अभियान के तहत पूरे महाराष्ट्र में 1,000 से अधिक रोजगार मेले आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं और नौकरी देने वाली कंपनियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, कौशल और रुचि के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

नौकरी की तैयारी के लिए 7 दिन की प्री-प्लेसमेंट ट्रेनिंग

रोजगार महाकुंभ की खास बात यह है कि केवल नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने तक ही पहल सीमित नहीं रहेगी। युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए 7 दिन की ‘प्री-प्लेसमेंट ट्रेनिंग’ भी आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण में युवाओं को नौकरी की तैयारी, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल और इंटरव्यू स्किल्स से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रिया के लिए तैयार करना है।

चयन के बाद भी मिलेगी पोस्ट-प्लेसमेंट ट्रेनिंग

इस पहल के तहत नौकरी के लिए चयनित होने वाले युवाओं को आवश्यक ‘पोस्ट-प्लेसमेंट ट्रेनिंग’ भी प्रदान की जाएगी। इससे युवाओं को नई नौकरी के वातावरण को समझने, कार्यस्थल की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को ढालने और पेशेवर कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

युवाओं और उद्योग के बीच मजबूत कड़ी बनाने पर जोर

समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है, लेकिन कई बार सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और उपयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ के माध्यम से इसी अंतर को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की इस पहल से एक ओर जहां युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर उद्योग जगत को भी प्रशिक्षित और रोजगार योग्य युवा प्रतिभाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस आयोजन को बड़े पैमाने पर सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटे हैं। यदि अभियान अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सफल होता है, तो यह महाराष्ट्र के युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker