महाराष्ट्र और बेल्जियम होंगे ‘नैचुरल पार्टनर’; आर्थिक साझेदारी का नया मॉडल
Maharashtra and Belgium to be ‘Natural Partners’: A New Model of Economic Partnership
मुंबई/सान्वी देशपांडे : महाराष्ट्र और बेल्जियम के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में आयोजित इंडिया-बेल्जियम हाई-लेवल डायलॉग के दौरान महाराष्ट्र और बेल्जियम को एक-दूसरे का “नैचुरल पार्टनर” बताते हुए दोनों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देने पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे।
इंडिया-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बढ़ेगा व्यापार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित इंडिया-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से महाराष्ट्र और बेल्जियम के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत और यूरोप के बीच भरोसेमंद आर्थिक साझेदारी और मजबूत सप्लाई चेन समय की जरूरत बन गई है। CM फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के पास मजबूत औद्योगिक आधार, विशाल निवेश क्षमता और अत्याधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम मौजूद है। ऐसे में बेल्जियम की विशेषज्ञता के साथ मिलकर कई नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
लॉजिस्टिक्स, फार्मा और सेमीकंडक्टर में सहयोग की संभावनाएं
बेल्जियम को लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर मजबूत माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र इन सभी क्षेत्रों में बेल्जियम के साथ साझेदारी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बनने वाली व्यापक आर्थिक साझेदारी की सफलता में महाराष्ट्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए दोनों पक्षों के बीच निवेश, तकनीक हस्तांतरण, रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मुंबई-एंटवर्प इकोनॉमिक पार्टनरशिप का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र और बेल्जियम के बीच आर्थिक संबंधों को संस्थागत रूप देने के लिए “मुंबई-एंटवर्प इकोनॉमिक पार्टनरशिप” विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वित्तीय सेवाओं, पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों तक इसका विस्तार किया जा सकता है।
मुंबई और एंटवर्प के बीच डायमंड ट्रेड भी इस साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। एंटवर्प को दुनिया के प्रमुख डायमंड ट्रेडिंग हब के रूप में जाना जाता है, जबकि मुंबई स्थित भारत डायमंड बोर्स देश का प्रमुख डायमंड ट्रेडिंग हब है। ऐसे में दोनों शहरों के बीच मौजूद व्यापारिक समानताओं का लाभ उठाकर आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाया जा सकता है।
सरकार, पोर्ट अथॉरिटीज और उद्योग जगत की भागीदारी
फडणवीस ने मुंबई-एंटवर्प पार्टनरशिप के लिए दोनों देशों की सरकारों, पोर्ट अथॉरिटीज, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और उद्योग जगत की भागीदारी वाला एक फॉर्मल सिस्टम तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा। इसका उद्देश्य व्यापारिक अवसरों की पहचान, निवेश को बढ़ावा देने और दोनों देशों के उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना होगा।
2030 तक महाराष्ट्र को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक साझेदारों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध जरूरी हैं। उन्होंने बेल्जियम से महाराष्ट्र की इस विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण साझेदार बनने की अपील की। माना जा रहा है कि मुंबई-एंटवर्प आर्थिक साझेदारी का प्रस्ताव दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर पैदा कर सकता है।



