नासिक हादसा: गांधी झील में डूबने से 11 साल के बच्चे की मौत, तीन सुरक्षित
Major tragedy in Nashik: 11-year-old boy drowns in Gandhi Lake; three others safe.
नासिक: मुंबई के घाटकोपर से नासिक देवदर्शन के लिए पहुंचे एक परिवार पर सोमवार सुबह उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब गोदावरी नदी बेसिन स्थित गांधी झील में नहाते समय एक ही परिवार के चार बच्चे अचानक पानी में गिर गए। इस हादसे में 11 वर्षीय गोपाल उमेश गुप्ता की डूबने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
45 श्रद्धालुओं का समूह पहुंचा था नासिक
मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर से करीब 45 श्रद्धालुओं का एक समूह सोमवार सुबह लगभग 7:30 बजे बस से नासिक पहुंचा था। समूह में शामिल लोग पंचवटी क्षेत्र में देवदर्शन करने के बाद गोदावरी नदी के घाट पर स्नान के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोग गांधी झील के किनारे नहा रहे थे।
बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान अचानक एक ही परिवार के चार बच्चों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में जा गिरे। बच्चों के पानी में गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया।
तैरना नहीं आता था, फिर भी युवकों ने नदी में लगाई छलांग
हादसे के दौरान परिवार के दो युवकों ने बच्चों को डूबता देख अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को तैरना भी नहीं आता था। इसके बावजूद उन्होंने साहस दिखाते हुए पानी में फंसे बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया और तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे।
हालांकि, 11 वर्षीय गोपाल उमेश गुप्ता पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और बहता चला गया। परिजनों ने काफी प्रयास किया, लेकिन गोपाल का तत्काल पता नहीं चल सका।
फायर ब्रिगेड और लाइफगार्ड ने चलाया सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय लाइफगार्ड मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने तत्काल नदी और आसपास के जलक्षेत्र में तलाश शुरू की। करीब एक घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने गोपाल गुप्ता को पानी से बाहर निकाला।
हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए पुलिस के हवाले किया गया। हादसे के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और परिवार के बीच मातम का माहौल छा गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने गोदावरी नदी और उसके आसपास के स्नान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और ऐसे में जलक्षेत्रों के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, लाइफगार्ड और सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।
परिजनों के लिए देवदर्शन की यह यात्रा एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। तीन बच्चों की जान बच गई, लेकिन 11 वर्षीय गोपाल गुप्ता की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।



